Yog In Daily Life: आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर और मन को संतुलित रखने का प्रभावी माध्यम बन चुका है। हालांकि, कई लोग योग शुरू करना चाहते हैं, लेकिन यह समझ नहीं पाते कि इसकी शुरुआत कैसे करें और इसे रोजमर्रा की दिनचर्या का हिस्सा कैसे बनाएं। कुछ लोग समय की कमी का बहाना बनाते हैं तो कुछ को सही तरीका नहीं पता होता। यदि योग को धीरे-धीरे और सही योजना के साथ अपनाया जाए तो इसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाना बिल्कुल भी मुश्किल नहीं है।
योग शुरू करने से पहले तय करें सही समय
योग करने के लिए सबसे उपयुक्त समय सुबह का माना जाता है। सुबह का वातावरण शांत होता है और इस समय शरीर व मन दोनों अपेक्षाकृत तरोताजा रहते हैं। यदि सुबह समय निकालना संभव न हो तो शाम के समय भी योग किया जा सकता है। हालांकि भोजन करने के तुरंत बाद योग नहीं करना चाहिए। योग हमेशा हल्के पेट या भोजन के कम से कम 2 से 3 घंटे बाद करना बेहतर माना जाता है। शुरुआत में यह जरूरी नहीं कि आप एक घंटा ही योग करें। प्रतिदिन 15 से 20 मिनट का समय निकालकर भी अच्छी शुरुआत की जा सकती है।
शुरुआत आसान योगासन और प्राणायाम से करें
जो लोग पहली बार योग शुरू कर रहे हैं, उन्हें कठिन आसनों की बजाय आसान अभ्यासों से शुरुआत करनी चाहिए। शरीर को धीरे-धीरे योग के अनुरूप तैयार करना सबसे महत्वपूर्ण होता है। शुरुआती दिनों में आप इन योगासन और अभ्यासों को अपनी दिनचर्या में शामिल कर सकते हैं...
- ताड़ासन
- वृक्षासन
- वज्रासन
- भुजंगासन
- मकरासन
- बालासन
- शवासन
इसके साथ ही गहरी श्वास लेने का अभ्यास, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी प्राणायाम भी धीरे-धीरे शुरू किए जा सकते हैं। इससे शरीर के साथ मानसिक शांति भी मिलती है।
एक निश्चित समय और स्थान तय करें
योग को नियमित बनाने का सबसे आसान तरीका है कि हर दिन एक ही समय और एक ही स्थान पर इसका अभ्यास किया जाए। इससे शरीर और मन दोनों उस समय के अनुसार खुद को तैयार करने लगते हैं। घर में किसी शांत, साफ और हवादार स्थान का चयन करें। योग मैट बिछाकर बिना किसी व्यवधान के अभ्यास करें। मोबाइल फोन या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूरी बनाकर योग करने से एकाग्रता बेहतर बनी रहती है।
शुरुआत में अधिक समय देने की जरूरत नहीं
कई लोग पहले ही दिन 45 मिनट या एक घंटे तक योग करने लगते हैं, लेकिन कुछ दिनों बाद नियमितता टूट जाती है। बेहतर यह है कि शुरुआत कम समय से करें। पहले सप्ताह 15 मिनट, फिर 20 से 25 मिनट और धीरे-धीरे अपनी क्षमता के अनुसार समय बढ़ाया जा सकता है। इससे शरीर पर अनावश्यक दबाव नहीं पड़ता और योग की आदत भी आसानी से विकसित होती है।
योग से पहले वार्म-अप करना न भूलें
योग शुरू करने से पहले शरीर को हल्का वार्म-अप देना जरूरी होता है। गर्दन, कंधे, हाथ, कमर, घुटनों और टखनों की हल्की मूवमेंट करने से शरीर आसनों के लिए तैयार हो जाता है। बिना वार्म-अप के सीधे कठिन आसनों का अभ्यास करने से मांसपेशियों में खिंचाव की संभावना बढ़ सकती है।
सांस लेने की सही प्रक्रिया पर दें ध्यान
योग केवल शरीर को मोड़ने या खींचने का अभ्यास नहीं है। इसमें श्वास का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक आसन के दौरान कब सांस लेनी है और कब छोड़नी है, इसका ध्यान रखना चाहिए। धीमी, गहरी और नियंत्रित श्वास लेने से योग का प्रभाव बेहतर माना जाता है। जल्दबाजी में सांस रोककर या तेज गति से अभ्यास करने से बचना चाहिए।
अपनी क्षमता के अनुसार करें अभ्यास
योग करते समय किसी दूसरे व्यक्ति की नकल करने की जरूरत नहीं होती। हर व्यक्ति की शारीरिक क्षमता अलग होती है। इसलिए शुरुआत में उतना ही अभ्यास करें जितना आराम से किया जा सके। यदि किसी आसन में अधिक खिंचाव या दर्द महसूस हो तो उसे जबरदस्ती पूरा करने का प्रयास न करें। धीरे-धीरे अभ्यास बढ़ाने से शरीर स्वयं लचीला होने लगता है।
योग को दैनिक आदत बनाने के आसान तरीके
यदि योग को लंबे समय तक जारी रखना है तो उसे अपनी दिनचर्या से जोड़ना जरूरी है। इसके लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं...
- हर दिन एक निश्चित समय तय करें।
- योग मैट को ऐसी जगह रखें जहां वह रोज दिखाई दे।
- सप्ताह का एक छोटा लक्ष्य बनाएं।
- अभ्यास का समय डायरी या मोबाइल कैलेंडर में नोट करें।
- छुट्टी वाले दिन भी कम से कम 10 से 15 मिनट योग जरूर करें।
- नियमितता बनाए रखने पर ध्यान दें, समय की लंबाई पर नहीं।
योग के दौरान इन बातों का रखें ध्यान
- ढीले और आरामदायक कपड़े पहनें।
- खाली या हल्के पेट योग करें।
- पर्याप्त पानी पिएं, लेकिन अभ्यास के दौरान अधिक पानी न पिएं।
- यदि कोई पुरानी बीमारी, सर्जरी या गंभीर शारीरिक समस्या हो तो विशेषज्ञ की सलाह लेकर ही योग शुरू करें।
- गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को अपनी स्थिति के अनुसार उपयुक्त योगासन का चयन करना चाहिए।
- शरीर में तेज दर्द, चक्कर या असहजता महसूस होने पर अभ्यास रोक देना चाहिए।
योग को जीवनशैली का हिस्सा कैसे बनाएं
योग को केवल कुछ दिनों का लक्ष्य बनाने के बजाय इसे रोजमर्रा की आदत के रूप में अपनाना अधिक उपयोगी होता है। सुबह उठने के बाद 15 से 20 मिनट योग करना, उसके बाद हल्का नाश्ता और पूरे दिन सक्रिय रहने की कोशिश करना इस आदत को लंबे समय तक बनाए रखने में मदद कर सकता है। यदि किसी दिन समय कम हो तो भी केवल सूर्य नमस्कार, कुछ सरल स्ट्रेचिंग और प्राणायाम करके नियमितता बनाए रखी जा सकती है। धीरे-धीरे यही छोटी शुरुआत दैनिक जीवन का स्थायी हिस्सा बन जाती है और योग के लिए अलग से प्रेरणा ढूंढने की आवश्यकता भी कम पड़ती है।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी योग और आयुर्वेद से संबंधित सामान्य जानकारियों, परंपरागत मान्यताओं और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी देना है। जीवांजलि इसकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या या उपचार के लिए किसी योग्य चिकित्सक, योग विशेषज्ञ या आयुर्वेदाचार्य से परामर्श अवश्य लें।