Mahakumbh Naga Sadhu : प्रयागराज में महाकुंभ का आज तीसरा दिन है। संगम के तट पर नागा साधुओं का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। महाकुंभ में देश के कोने-कोने से नागा साधु स्नान करने के लिए पहुंचे हैं।
Mahakumbh Naga Sadhu : प्रयागराज में महाकुंभ का आज तीसरा दिन है। संगम के तट पर नागा साधुओं का जमावड़ा देखने को मिल रहा है। महाकुंभ में देश के कोने-कोने से नागा साधु स्नान करने के लिए पहुंचे हैं। आम लोगों के बीच नागा साधु आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। श्रद्धालु नागा साधुओं का आशीर्वाद भी लेते हैं। लेकिन किया आपको पता है आखिर नागा साधु को इतना क्यों माना जा ता है। आखिर ये लोग अपनी ऐशो-आराम का जीवन छोड़कर नागा साधु क्यों बन जाते हैं। क्या शादीशुदा लोग भी नागा साधु बन सकते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।
क्या शादीशुदा लोग भी बन सकते हैं नागा साधु
अक्सर लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि आखिर नागा साधु कौन बनता है। क्या शादीशुदा लोग भी नागा साधु बन सकते हैं। तो आपको बता दें कि शादीशुदा भी लोग नागा साधु बन सकते हैं। लेकिन नागा साधु बनने के लिए कड़ी परीक्षा से गुजरना पड़ता है। माना जाता है कि नागा साधु बनने के लिए सांसारिक मोह माया का त्याग करना पड़ता है। इसके साथ ही पूरा जीवन भगवान की भक्ति में लीन रहना पड़ता है।
आखिर क्या है नागा साधु बनने की प्रक्रिया
बता दें कि नागा साधु बनने के लिए बहुत ही कठिन तपस्या करनी पड़ती है। मान्यता है कि जो जातक नागा साधु बनता है उन्हें 6 से 12 साल तक ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। यानी अपने गुरु को यह यकीन दिलाना होता है कि वह इसके लिए योग्य हैं। अब वह ईश्वर के प्रति समर्पित हो चुका है। नागा साधु बनने के लिए सारे रिश्ते-नाते तोड़कर खुद को भगवान के प्रति समर्पित होना पड़ता है। जो जातक नागा साधु बनते हैं उन्हें अखाड़े में प्रवेश करना पड़ता है और साथ ही ब्रह्मचर्य की परीक्षा भी ली जाती है।
आखिर नागा साधु का क्या है मतलब
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नागा साधु का संबंध धर्म की रक्षा के लिए होता है। नागा साधु नागा शब्द से लिया गया है। वहीं कुछ विद्वानों का मानना है कि नागा साधु शब्द संस्कृत के नागा से आया है। इसका मतलब पहाड़ होता है। नागा साधुओं का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की रक्षा करना और शास्त्रों के ज्ञान में निपुण होना होता है। नागा साधु अखाड़ों के जुड़े होते हैं साथ ही साथ समाज की सेवा भी करते हैं। नागा साधु धर्म का प्रचार करते हैं। नागा साधु अपनी कठोर तपस्या और शारीरिक शक्ति के लिए भी जाने जाते हैं। नागा साधु अपने शरीर पर हवन की भभूत लगाते हैं। इसके साथ ही धर्म और समाज के लिए काम करते हैं। यह भी पढ़ें- Mahakumbh 2025: पंचायती निरंजनी अखाड़े के 104 वर्षीय महामंडलेश्वर विद्याधर ने किया महाकुंभ में स्नान
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