Mahakumbh 2025 Mauni Amavasya Amrit Snan Date: महाकुंभ 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से हो चुका है। महाकुंभ का पहला शाही स्नान 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के महाकुंभ में अमृत स्नान को बड़ा ही महत्वपूर्ण और पूण्यकाली माना गया है।
Mahakumbh 2025 Mauni Amavasya Amrit Snan Date: महाकुंभ 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से हो चुका है। महाकुंभ का पहला शाही स्नान 14 जनवरी मकर संक्रांति के दिन हुआ है। धार्मिक मान्यताओं के महाकुंभ में अमृत स्नान को बड़ा ही महत्वपूर्ण और पूण्यकाली माना गया है। मान्यता है कि जो जातक महाकुंभ में शाही स्नान करते हैं उनके जीवन से सारी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। साथ ही साथ सभी पापों से मुक्ति भी मिलती है। तो आइए इस खबर में जानते हैं कि महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान किस दिन किया जाएगा और स्नान करने का शुभ मुहूर्त क्या रहेगा।
कब है महाकुंभ का दूसरा अमृत स्नान
धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ में सबसे बड़ा स्नान अमृत स्नान को मना गया है। लेकिन सबसे बड़ा अमृत स्नान में भी मौनी अमावस्या के दिन स्नान को माना जाता है। पंचांग के अनुसार, महाकुंभ का ये दूसरा अमृत स्नान है। वैदिक पंचांग के अनुसार, महाकुंभ का दूसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा। मौनी अमावस्या 29 जनवरी को पड़ रही है। इस दिन महाकुंभ का शाही स्नान करने से कई गुना फल बढ़ जाता है। मान्यता है कि जो जातक मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान करता है उसे पुण्य फल प्राप्त होता है। इसके साथ ही जीवन के सारे पापों से मुक्ति मिल जाती है। ज्योतिषियों के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन अमृत स्नान करने से व्यक्ति की आत्मा की शुद्धिकरण होता है।
क्या है मौनी अमावस्या के दिन शाही स्नान का शुभ मुहूर्त
वैदिक पंचांग के अनुसार, महाकुंभ में दूसरा शाही स्नान मौनी अमावस्या के दिन होगा। मौनी अमावस्या को महाकुंभ का सबसे बड़ा शाही स्नान होता है। यह स्नान 29 जनवरी को किया जाएगा। ज्योतिषियों के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन प्रयागराज समेत अन्य तीर्थ स्थलों पर स्नान किया जाता है। इस दिन स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। वैदिक पंचांग के अनुसार, मौनी अमावस्या के दिन शाही स्नान करने के लिए शुभ मुहूर्त सुबह 5 बजकर 25 मिनट से लेकर सुबह के 6 बजकर 18 मिनट पर होगा।
महाकुंभ में शाही स्नान क्या है महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ के दौरान अमृत स्नान किए जाते हैं। शाही स्नान करने के लिए विशेष तिथियां निर्धारित होता है। महाकुंभ में शाही स्नान की तिथियां ग्रहों की चाल और विशेष स्थिति के आधार पर तय किया जाता है। महाकुंभ के दौरान जो भी शाही स्नान करते हैं उनके सारे पाप नष्ट हो जाते हैं। इसके साथ ही उन्हें पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। महाकुंभ में शाही स्नान करने से अमृत स्नान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।