Mahakumbh Mela Stampede: मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर साधुओं को महाकुंभ मेले में अमृत स्नान करना था। लेकिन रात 2 बजे अचानक भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ के बाद अखाड़ों ने घोषणा की है कि वे आज अमृत स्नान नहीं करेंगे। लेकिन भगदड़ को काबू में देखते हुए अखाड़ों के साधु-संतों ने अमृत स्नान करने की घोषणा की है।
Mahakumbh Mela Stampede: मौनी अमावस्या के पावन पर्व पर साधुओं को महाकुंभ मेले में अमृत स्नान करना था। लेकिन रात 2 बजे अचानक भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ के बाद अखाड़ों ने घोषणा की है कि वे आज अमृत स्नान नहीं करेंगे। लेकिन भगदड़ को काबू में देखते हुए अखाड़ों के साधु-संतों ने अमृत स्नान करने की घोषणा की है।
जानकारी के मुताबिक महाकुंभ में मौनी अमावस्या के अमृत स्नान पर नागा संन्यासियों का पहला जत्था सुबह 5:30 बजे स्नान करने पहुंच गया था। लेकिन इसके बाद अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने साधुओं के अमृत स्नान को स्थगित करने की घोषणा की है।
महाकुंभ शाही स्नान को लेकर लिया गया बड़ा फैसला
लेकिन भगदड़ की घटना के बाद शाही स्नान रद्द करने की घोषणा करने को लेकर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रवींद्र गिरी जी महाराज ने कहा कि अब प्रशासन से बातचीत हो गई है। प्रशासन ने कहा कि जिन घाटों पर संत स्नान करते हैं, वे सारे जगह धीरे-धीरे खाली हो रहे हैं। इसलिए रवींद्र गिरी जी महाराज ने अब स्नान को लेकर फैसला लिया गया है। शाही स्नान का कार्यक्रम भी घोषित कर गया है। कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा, लेकिन समय में बदलाव हो सकता है। बता दें कि 11 बजे से शाही स्नान का कार्यक्रम शुरू हो सकता है।
जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी ने की अपील
भगदड़ की घटना के बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी ने कहा कि सभी अखाड़ों के साधु-संत बसंत पंचमी पर स्नान करेंगे। आज का अमृत स्नान संतों ने रद्द कर दिया है। इस बीच जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी ने भी श्रद्धालुओं से अपील की है कि इस भीड़ के बीच वे सिर्फ संगम घाट पर ही डुबकी लगाने की जिद न करें। जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी ने कहा, 'मैं सभी श्रद्धालुओं से अपील करता हूं कि चूंकि आज प्रयागराज में भारी भीड़ है, इसलिए वे सिर्फ संगम घाट पर ही पवित्र डुबकी लगाने की जिद न करें।'