Mahakumbh 2025 Stampede: महाकुंभ का आयोजन 144 साल बाद वर्ष 2025 में हो रहा है और मौनी अमावस्या पर महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। लेकिन क्या आप जानते हैं इसके पीछे का कारण क्या है। आइए जानते हैं।
Mahakumbh 2025 Stampede: महाकुंभ का आयोजन 144 साल बाद वर्ष 2025 में हो रहा है और मौनी अमावस्या पर महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान के लिए आए श्रद्धालुओं में भगदड़ मच गई। ऐसे में कई श्रद्धालुओं की जान जाने की अशांका है और कई श्रद्धालु घायल भी हुए हैं। वैदिक ज्योतिष के अनुसार, किसी भी घटना के पीछे ग्रहों की चाल होती है। तो आज इस खबर में जानते हैं कि महाकुंभ में ग्रहों की स्थिति कैसी रही है।
28 जनवरी के दिन ग्रहों की स्थिति
वैदिक पंचांग के अनुसार कल यानी 28 जनवरी को शाम 7:35 बजे के बाद अमावस्या का समय था। इस समय पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र सुबह 8:58 बजे तक सक्रिय था। वहीं चंद्रमा उत्तराषाढ़ा, सूर्य श्रवण नक्षत्र और मकर लग्न में भ्रमण कर रहा था। 28 जनवरी की सुबह शुक्र भी मीन राशि में प्रवेश कर चुका है। जहां पहले से ही राहु मौजूद है। ऐसे में शुक्र और राहु का मिलन हो गया है। आपको बता दें कि शुक्र की उच्च राशि मीन है और मीन राशि के स्वामी गुरु बृहस्पति हैं। ऐसे में शुक्र और बृहस्पति का एक साथ होना देश और दुनिया के लिए अशुभ माना जा रहा है।