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Mahakumbh 2025 Snan : महाकुंभ में शाही स्नान करने के बाद जरूर करें ये काम, वरना मिलेगा अधूरा फल

जीवांजलीPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mahakumbh 2025 Snan : धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ में स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें, इसके बाद भगवान सूर्य के नाम का जाप करें। सूर्य देव को याद करने के बाद तुलसी की परिक्रमा अवश्य करें। मान्यता है कि तुलसी की परिक्रमा के बिना महाकुंभ में शाही स्नान का कोई फल नहीं मिलता है। इसे अधूरा माना गया है।

Mahakumbh 2025 Snan
Mahakumbh 2025 Snan : प्रयागराज में महाकुंभ का आगाज हो गया है। पहला अमृत स्नान कल यानी 14 जनवरी मकर संक्रांति को संपन्न हुआ। महाकुंभ के पहले शाही स्नान में महानिर्वाणी अखाड़े के साधु-संतों ने किया। इसके बाद एक-एक करके सभी 13 अखाड़ों के संतों ने शाही स्नान किया। प्रयागराज के पवित्र संगम पर डुबकी लगाने के लिए देश-विदेश के कोने-कोने से लाखों-करोड़ों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। महाकुंभ में विदेशी भक्त भी पवित्र संगम में डुबकी लागने के लिए आए हैं। ऐसे में पूरा प्रयागराज में आध्यात्मिकता और धर्म की गूंज रही हैं। लेकिन आज इस खबर में आपको बताने वाले हैं कि कुंभ स्नान के बाद कौन-कौन से कार्य करने चाहिए। यदि आप इन कार्यों को नहीं करते हैं तो आपका शाही स्नान बिल्कुल अधूरा माना जाएगा। तो आइए जानते हैं।

महाकुंभ में स्नान के बाद जरूर करें ये काम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ में स्नान के बाद सूर्य देव को जल अर्पित करें, इसके बाद भगवान सूर्य के नाम का जाप करें। सूर्य देव को याद करने के बाद तुलसी की परिक्रमा अवश्य करें। मान्यता है कि तुलसी की परिक्रमा के बिना महाकुंभ में शाही स्नान का कोई फल नहीं मिलता है। इसे अधूरा माना गया है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, महाकुंभ में शाही स्नान करने के बाद तुलसी की परिक्रमा करने से घर में सुख-शांति और समृद्धि होती है। इसके साथ ही सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। सनातन धर्म में तुलसी को माता लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है ऐसे में तुलसी की परिक्रमा करने से मां लक्ष्मी का भी आशीर्वाद मिलता है। साथ ही साथ ही भगवान विष्णु भी प्रसन्न होते हैं। घर से दरिद्रता खत्म हो जाती है और सुख-शांति बनी रहती है।

स्नान के बाद तुलसी की परिक्रमा करते समय करें ये काम

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी की परिक्रमा करते समय जल अर्पित करना चाहिए। इसके साथ ही ‘महाप्रसाद जननी, सर्व सौभाग्यवर्धिनी आधि व्याधि हरा नित्यं, तुलसी त्वं नमोस्तुते’ इस मंत्र का जाप भी करना चाहिए। मंत्र जाप करते हुए तुलसी की परिक्रमा करें। अंत में परिक्रमा करने के बाद गरीबों को कुछ दान में अवश्य दें।

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