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Mahakumbh 2025: आखिर महाकुंभ में इतने करोड़ लोगों की कैसी की जाती है गिनती, जानें यहां...

जीवांजलीPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ में इस बार 40 से 45 करोड़ से भी अधिक श्रद्धालुओं की आने की संभावना है। बता दें कि बीते सिर्फ 5 दिनों में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। यह दिन-प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए मेले में रिकॉर्ड टूटे जा रहा है।

Mahakumbh 2025
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में महाकुंभ में इस बार 40 से 45 करोड़ से भी अधिक श्रद्धालुओं की आने की संभावना है। बता दें कि बीते सिर्फ 5 दिनों में 7 करोड़ से अधिक श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। यह दिन-प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए मेले में रिकॉर्ड टूटे जा रहा है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती कैसे होती है, इन सभी आंकड़ों का सटीक अनुमान कैसे लगाया जाता है। आइए इन सभी के बारे में विस्तार से जानते हैं।

महाकुंभ में कैसे होती है भीड़ की गिनती

बता दें कि महाकुंभ 2025 की बात करें, तो इस बार महाकुंभ बेहद ही खास रहने वाला है, क्योंकि प्रत्येक 12 साल के बाद लगने वाला महाकुंभ इस बार 144 साल बाद ऐसा संयोग बन रहा है, क्योंकि 12 साल कुंभ पूरे हो चुके हैं। इसी वजह से इसे महाकुंभ कहा जा रहा है। महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पहले के किसी कुंभ से बहुत ही ज्यादा है। बता दें कि महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती के लिए यूपी सरकार ने हाईटेक उपकरणों का सहारा लिया है। इसके साथ ही एआई बेस्ट कैमरे की मदद से लोगों की गिनती की जा रही है।

श्रद्धालुओं की गिनती के लिए बनाई गई है स्पेशल टीम

महाकुंभ 2025 में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती करने के लिए स्पेशल टीम बनाई गई है। इस टीम का नाम क्राउड असेसमेंट टीम है। यह टीम रियल टाइम बेसिस पर महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की गिनती कर रही है। इसके लिए खास कैमरों की मदद भी ली जा रही है, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से श्रद्धालुओं की गिनती की जा रही है। ये कैमरे लोगों को स्कैन कर रहे हैं, साथ ही मौजूद भीड़ भाड़ के हिसाब से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कितने घंटे में कितने लाख लोग महाकुंभ में आए हुए हैं। इन सभी पर नजर रखने के लिए पूरे महाकुंभ मेले में 1800 से अधिक कैमरे लगाए गए हैं। इसके साथ ही लोगों की गिनती के लिए ड्रोन की भी मदद ली जा रही है।

एआई और ड्रोन तकनीक की ली जा रही है मदद

महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं की तस्वीरों से लोगों का अंदाजा लगाना बहुत ही मुश्किल है, ऐसे में सटीक अनुमान लगाना एआई बेस्ट हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। ये कैमरे 360 डिग्री कैमरे हैं। इस कैमरे से पूरे मेला क्षेत्र में लोगों की गिनती की जा सकती है, जिनमें 1100 फिक्स्ड कैमरे हैं और करीब 744 अस्थाई कमैरे हैं। यानी पूरे मेला क्षेत्र में लगे इन कैमरों के जरिए ही क्राउड की गिनती की जा रही है।

सैटेलाइट की मदद से निकला जा रहा है डेटा

पहले के समय में महाकुंभ में आने वाली ट्रेन, बसों और नावों की गिनती के आधार पर भी लोगों का डेटा जमा किया जाता था। इसके साथ ही मेला क्षेत्र में बने हुए साधु-संतों के शिविरों में आने वाले श्रद्धालुओं का आंकड़ा जुटाकर उनकी गिनती जाती थी, इसके साथ ही शहर की सड़कों पर मौजूद भीड़ का डेटा जमा करके भी लोगों की गिनती की जाती थी। लेकिन इस महाकुंभ में ऐसा बिल्कुल नहीं है। बता दें कि इस ट्रेन और बसों की संख्या को ट्रैक किया जा रहा है। मतलब सैटेलाइट की मदद से मेला क्षेत्र में आने वाले श्रद्धालुओं की डेटा निकाली जा रही है। सैटेलाइट की मदद से भी श्रद्धालुओं का डेटा निकाला जा रहा है।

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