Mahakumbh 2025: प्रयागराज में अद्भुत, अलौकिक और अद्वितीय महाकुंभ का आगाज 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से हो चुका है। तीर्थराज प्रयाग में संगम की रेती पर रुख करते ही चारों ओर महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता का एहसास भी रहा है।
Mahakumbh 2025: प्रयागराज में अद्भुत, अलौकिक और अद्वितीय महाकुंभ का आगाज 13 जनवरी पौष पूर्णिमा से हो चुका है। तीर्थराज प्रयाग में संगम की रेती पर रुख करते ही चारों ओर महाकुंभ की भव्यता और दिव्यता का एहसास भी रहा है। बता दें कि सेक्टर 1 परेड मैदान से कुछ दूर आगे बढ़ने पर बांध मिलेगा, जिसे पार करने के बाद जगद्गुरु, पीठाधीश्वर, महामंडलेश्वर, संत, आचार्य और नागा साधुओं की दुनिया बसी हुई है। रात्रि के समय दूधिया रोशनी से मेला क्षेत्र एक दम आकाश के तारे जैसा दिखाई दे रहा है। महाकुंभ में संतों के भव्य और अलौकिक शिविर स्वप्नलोक में ही पहुंचने का एहसास करा रहा है। तो आज इस खबर में हम आपको बताएंगे कि अवधेशानंद जी गिरी जी महाराज के शिविर की भव्यता के बारे में।
कहां है कि स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज का शिविर
महाकुंभ मेला क्षेत्र में घूमते समय जूना अखाड़े के पीठाधीश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज का शिविर देखने योग्य है। इनके शिविर पर आपकी निगाहें ठहरी ही रह जाएगी। बता दें कि स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज का शिविर 25 सेक्टर में बसे मेला में सेक्टर 18 में अन्नपूर्णा मार्ग पर है। उनका शिविर भगवान रंग से सजा हुआ है। शिविर के सामने आदि शंकराचार्य की मूर्ति शुद्ध तांबे से बनी हुई लगी है। शिविर में प्रवेश करते ही बांसुरी की मद्धम मधुर धुन आध्यात्मिक की दुनिया में पहुंचा देती है। भक्तों का मन मंत्रमुग्ध हो जाएगा। बता दें कि स्वामी जी के शिविर में अस्पताल, कैंटीन, प्रवचन हॉल समेत कई अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं।
जानें कैसा है अवधेशानंद गिरी जी महाराज का शिविर
बता दें कि स्वामी अवधेशानंद गिरी जी महाराज का शिविर प्रभु प्रेमी सेवा संग का शिविर अपने आप में एक किले के अंदर बसे हुए नगर का लुक दे रहा है। इस शिविर के प्रशासनिक अधिकारी बताते हैं कि यह शिविर 56 बीघे में फैला हुआ है। इसके निर्माण में कम से कम 2 करोड़ से भी अधिक पैसे खर्च हुए हैं। महाराज जी का शिविर तीन प्रमुख हिस्सों में विभाजित है। महाराज जी के शिविर के सबसे पहले बीच में एक गुम्बद तैयार किया गया है। जिसमें आचार्य महामंडलेश्वर जूना अखाड़ा के पीठाधीश्वर अवधेशानंद गिरी जी महाराज प्रवास कर रहे हैं। महाराज जी के दाहिने हाथ में प्रवचन पंडाल का निर्माण किया गया है। इस प्रवचन पंडाल में श्रद्धालुओं की बैठने की क्षमता कम से कम 2 लाख से भी ज्यादा है। यह भी पढ़ें- Mahakumbh 2025 : महाकुंभ में कब है अमृत स्नान, जानें शुभ तिथि, मुहूर्त व महत्व
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