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Mahakumbh 2025: महाकुंभ में शुरू हुआ अखाड़ों का अमृत स्नान, अब तक 4.24 श्रद्धालु लगा चुके हैं डुबकी

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mahakumbh 2025: आज यानी 29 जनवरी महाकुंभ का 17वां दिन है। मौनी अमावस्या पर दूसरा अमृत स्नान चल रहा है। भगदड़ के बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने रथ वापस कर दिए।

Mahakumbh 2025
Mahakumbh 2025: आज यानी 29 जनवरी महाकुंभ का 17वां दिन है। मौनी अमावस्या पर दूसरा अमृत स्नान चल रहा है। भगदड़ के बाद जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने अपने रथ वापस कर दिए। साधु-संत छोटी-छोटी टोलियों में अपने इष्टदेव के साथ संगम में प्रतीकात्मक स्नान कर रहे हैं। जूना अखाड़े के नागा साधुओं ने तलवारें लहराईं। वे नारे लगाते हुए संगम घाट पहुंचे। रास्ते में आरएएफ और पुलिस के जवान तैनात हैं।

इससे पहले सुबह अखाड़ों के साधु-संत अमृत स्नान के लिए निकल चुके थे। इसी बीच भगदड़ के बाद संगम पर हालात बेकाबू हो गए। प्रशासन ने तुरंत अखाड़ों से अपील की- स्नान के लिए न जाएं। साधु-संतों ने बैठक की। पहले तय हुआ था कि अखाड़ों के साधु-संत मौनी अमावस्या पर स्नान नहीं करेंगे। लेकिन अब हालात सामान्य हैं, जिसके चलते अखाड़ों के साधु-संत अमृत स्नान के लिए जा रहे हैं।

रथ पर सवार होकर चल रहे हैं कैलाशानंद गिरी जी महाराज 

निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर कैलाशानंद महाराज रथ पर सवार होकर अमृत स्नान के लिए निकले हैं। बाकी संत पैदल चल रहे हैं।

पंचायती अखाड़ा अमृत स्नान के लिए रवाना

पंचायती अखाड़े के संत और आचार्य अमृत स्नान के लिए निकल चुके हैं। नागा साधुओं ने दिखाया हुनर, हर-हर महादेव का जयकारा लगाते हुए संगम घाट के लिए रवाना हुए हैं।

12 बजे तक 4.24 करोड़ श्रद्धालुओं ने लगाई डुबकी

मौनी अमावस्या पर दूसरे अमृत स्नान के लिए संतों का छोटे-छोटे समूहों में त्रिवेणी संगम पर आना जारी है। आज दोपहर 12 बजे तक करीब 4.24 करोड़ श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया है। आज तक पवित्र स्नान करने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 20 करोड़ को पार कर गई है।

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