Parivartini Ekadashi: परिवर्तिनी एकादशी को भगवान विष्णु की पूजा और व्रत के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की विधि-विधान से पूजा करने और उनका मंत्र जाप करने से भक्त को उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है। एकादशी के दिन किए गए मंत्र जाप को मन की शांति और घर में सकारात्मक वातावरण के लिए भी शुभ माना जाता है। अगर आप भी परिवर्तिनी एकादशी के दिन भगवान विष्णु की कृपा पाना चाहते हैं, तो कुछ विशेष मंत्रों का जाप कर सकते हैं। आखिर इस दिन कौन से मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है और इन्हें कितनी बार जपना चाहिए? आइए जानते हैं।
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
भगवान विष्णु के सबसे प्रसिद्ध मंत्रों में से एक है ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’। एकादशी के दिन इस मंत्र का जाप विशेष रूप से किया जाता है। मान्यता है कि नियमित रूप से इस मंत्र का जाप करने से मन शांत होता है और भगवान विष्णु की भक्ति में मन लगता है। परिवर्तिनी एकादशी के दिन स्नान के बाद साफ कपड़े पहनकर भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाएं और शांत मन से इस मंत्र का जाप करें। आप अपनी श्रद्धा के अनुसार 108 बार इस मंत्र का जाप कर सकते हैं।
ॐ विष्णवे नमः
भगवान विष्णु को समर्पित ‘ॐ विष्णवे नमः’ मंत्र का जाप भी परिवर्तिनी एकादशी पर किया जा सकता है। इस मंत्र का जाप करते समय भगवान विष्णु का ध्यान करें और उनके स्वरूप को मन में स्मरण करें। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु के नाम का जाप करने से मन को एकाग्र करने में सहायता मिलती है। सुबह पूजा के समय या दिन में किसी भी शांत समय पर इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।
श्री विष्णु गायत्री मंत्र
परिवर्तिनी एकादशी पर विष्णु गायत्री मंत्र का जाप भी शुभ माना जाता है।
‘ॐ नारायणाय विद्महे, वासुदेवाय धीमहि, तन्नो विष्णुः प्रचोदयात्।’
इस मंत्र का जाप भगवान विष्णु का ध्यान करते हुए किया जाता है। पूजा के दौरान इस मंत्र का जाप करने से भक्त का ध्यान भगवान की भक्ति में केंद्रित होता है। श्रद्धालु अपनी सुविधा और श्रद्धा के अनुसार इसका जाप कर सकते हैं।
श्री हरि मंत्र
एकादशी भगवान विष्णु को समर्पित होती है, इसलिए इस दिन ‘श्री हरि’ नाम का स्मरण भी किया जाता है। आप ‘ॐ श्री हरये नमः’ मंत्र का जाप कर सकते हैं। इस मंत्र का जाप करते समय भगवान विष्णु को तुलसी दल अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। हालांकि, तुलसी अर्पित करते समय धार्मिक नियमों और अपनी परंपरा का ध्यान रखना चाहिए।
विष्णु सहस्रनाम का पाठ
अगर आपके पास पर्याप्त समय है, तो परिवर्तिनी एकादशी के दिन विष्णु सहस्रनाम का पाठ भी कर सकते हैं। इसमें भगवान विष्णु के अनेक नामों का वर्णन मिलता है। एकादशी के दिन भगवान विष्णु का नाम स्मरण करने और उनके स्वरूप का ध्यान करने की विशेष धार्मिक मान्यता है। जो लोग पूरा विष्णु सहस्रनाम पाठ नहीं कर पाते, वे अपनी श्रद्धा के अनुसार भगवान विष्णु के नामों का जाप कर सकते हैं।
मंत्र जाप का सही तरीका
परिवर्तिनी एकादशी के दिन सुबह स्नान के बाद पूजा स्थल की सफाई करें। भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर के सामने दीपक जलाएं। इसके बाद भगवान को पीले फूल और तुलसी दल अर्पित करें। फिर शांत मन से चुने हुए मंत्र का जाप करें। मंत्र जाप के दौरान मन को इधर-उधर भटकने से रोकने की कोशिश करें। जाप के लिए तुलसी की माला का इस्तेमाल करना भी शुभ माना जाता है। यदि संभव हो तो 108 बार मंत्र का जाप करें। सबसे जरूरी बात यह है कि मंत्र का जाप श्रद्धा और शांत मन से किया जाए।
घर की सुख-शांति के लिए करें नाम स्मरण
परिवर्तिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के मंत्रों का जाप केवल पूजा की प्रक्रिया नहीं, बल्कि उनके नाम का स्मरण भी माना जाता है। इस दिन परिवार के सदस्य मिलकर भगवान विष्णु का नाम जाप कर सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान के नाम का स्मरण करने से घर में भक्तिमय वातावरण बनता है और मन को शांति मिलती है।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)