जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति मिलती है. 04 अप्रैल 2025 को मां कालरात्रि को उनका पसंदीदा भोग लगाएं, इससे देवी जल्द प्रसन्न होती हैं.
Chaitra Navratri 2025 Day 7th: नवरात्रि का पावन पर्व चल रहा है. चैत्र नवरात्रि के 7वें दिन मां कालरात्रि की पूजा की जाएगी. देवी कालरात्रि को कालों का काल माना जाता है. मां कालरात्रि की पूजा के दौरान भानु चक्र जागृत होता है, जिससे सभी तरह के भय का नाश होता है. जीवन की हर समस्या को पल भर में हल करने की शक्ति मिलती है. 04 अप्रैल 2025 को मां कालरात्रि को उनका पसंदीदा भोग लगाएं, इससे देवी जल्द प्रसन्न होती हैं.
मां कालरात्रि का पसंदीदा भोग
पूजा में मां कालरात्रि को गुड़ या गुड़ से बनी मिठाई जैसे मालपुआ का भोग लगाना चाहिए. यह देवी कालरात्रि को सबसे प्रिय है. मां कालरात्रि की पूजा सुबह और रात में भी की जाती है. तंत्र विद्या में मां कालरात्रि की पूजा अचूक मानी गई है, लेकिन किसी को नुकसान पहुंचाने की नीयत से पूजा न करें. अन्यथा आपको इसके बुरे प्रभावों का सामना करना पड़ सकता है।
देवी कालरात्रि को भोग लगाने की विधि
माँ कालरात्रि की पूजा में विशेष नियम और अनुशासन का पालन करना चाहिए। देवी कालरात्रि की पूजा करने से पहले स्नान करके साफ कपड़े पहनें और फिर घी का दीपक जलाएं और देवी को कुमकुम, हल्दी, फूल चढ़ाएं। 'ॐ कालरात्रिये नमः' मंत्र का जाप करते हुए देवी को गुड़ या उससे बनी मिठाई का भोग लगाएं। पूजा के बाद गुड़ का आधा हिस्सा परिवार में बांट दें। बचा हुआ आधा हिस्सा ब्राह्मण को दान कर दें। लाल कंबल पर मां कालरात्रि की पूजा करें।
माँ कालरात्रि की पूजा का महत्व
माँ कालरात्रि की विधिवत पूजा करने से आरोग्य की प्राप्ति होती है और सभी प्रकार की नकारात्मक शक्तियों का नाश होता है। माँ कालरात्रि अपने भक्तों पर कृपा करती हैं और शत्रुओं और दुष्टों का नाश करके सभी दुखों को दूर करती हैं और परिवार में सुख-शांति आती है।