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Krishna Pingala Sankashti Chaturthi: कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी पर दान करें ये चीजें, प्रसन्न होंगे गणेश जी

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Krishna Pingala Sankashti Chaturthi: कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी के दिन काले या सफेद तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिल का दान करने से पापों का क्षय होता है और जीवन में आने वाली अनेक प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। 

Krishna Pingala Sankashti Chaturthi
Krishna Pingala Sankashti Chaturthi: सनातन धर्म में संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान श्रीगणेश को समर्पित माना जाता है। प्रत्येक माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है। आषाढ़ मास में पड़ने वाली संकष्टी चतुर्थी को कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी कहा जाता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना, व्रत और चंद्र दर्शन के बाद व्रत का पारण करने से जीवन के विघ्न दूर होते हैं। वहीं इस दिन अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार कुछ विशेष वस्तुओं का दान करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है और शुभ फलों की प्राप्ति होती है। आइए जानते हैं कि कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी के दिन किन वस्तुओं का दान करना शुभ माना गया है।

तिल का दान करें

कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी के दिन काले या सफेद तिल का दान करना अत्यंत शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार तिल का दान करने से पापों का क्षय होता है और जीवन में आने वाली अनेक प्रकार की बाधाएं दूर होती हैं। यदि किसी जरूरतमंद, ब्राह्मण या मंदिर में तिल का दान किया जाए तो भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं।

गुड़ का दान करें

भगवान गणेश को गुड़ अत्यंत प्रिय माना गया है। इस दिन गुड़ का दान करने से परिवार में सुख-समृद्धि और सौभाग्य में वृद्धि होने की मान्यता है। श्रद्धालु जरूरतमंद लोगों को गुड़ का दान कर सकते हैं या किसी धार्मिक स्थल पर भी इसे अर्पित कर सकते हैं।

हरे मूंग का दान

कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी पर साबुत हरे मूंग का दान भी शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि हरे मूंग का दान करने से आर्थिक परेशानियां धीरे-धीरे कम होने लगती हैं और घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती। यह दान गरीब और जरूरतमंद लोगों को करना अधिक फलदायी माना जाता है।

वस्त्रों का दान

इस दिन स्वच्छ और नए वस्त्रों का दान करना भी पुण्यदायी माना गया है। अपनी क्षमता के अनुसार गरीब, जरूरतमंद या किसी साधु-संत को वस्त्र दान किए जा सकते हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार वस्त्र दान से भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में शुभता का संचार होता है।

अन्न का दान

सनातन धर्म में अन्नदान को सबसे श्रेष्ठ दानों में स्थान दिया गया है। कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी के दिन गेहूं, चावल, दाल या अन्य खाद्यान्न का दान करना शुभ माना जाता है। जरूरतमंद लोगों को भोजन कराने या राशन का दान करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं और घर में अन्न की कभी कमी नहीं रहती।

मोदक और लड्डू का दान

भगवान गणेश को मोदक और बेसन या बूंदी के लड्डू अत्यंत प्रिय हैं। इस दिन भगवान गणेश को मोदक या लड्डू का भोग लगाने के बाद उनका प्रसाद भक्तों और जरूरतमंद लोगों में वितरित करना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यता है कि ऐसा करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है।

दूर्वा और फल का दान

दूर्वा भगवान गणेश की प्रिय अर्पण सामग्री मानी जाती है। पूजा में दूर्वा अर्पित करने के बाद मौसमी फलों का दान करना भी शुभ माना गया है। विशेष रूप से केले, आम, अमरूद या अन्य मौसमी फलों का दान करने से शुभ फल प्राप्त होने की मान्यता है।

घी का दान

कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी पर शुद्ध देसी घी का दान भी धार्मिक दृष्टि से शुभ माना गया है। कई श्रद्धालु मंदिरों में दीप प्रज्वलित करने के लिए घी का दान करते हैं। मान्यता है कि इससे भगवान गणेश की कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सकारात्मकता बनी रहती है।

दक्षिणा सहित दान का महत्व

यदि इस दिन किसी योग्य ब्राह्मण, विद्वान या जरूरतमंद व्यक्ति को दान दिया जाए तो उसके साथ यथाशक्ति दक्षिणा देना भी शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यता है कि श्रद्धा, विनम्रता और निष्काम भाव से किया गया दान अधिक फलदायी होता है। इसलिए दान करते समय दिखावा करने के बजाय अपनी सामर्थ्य के अनुसार ही दान करना चाहिए।

दान करने से पहले रखें इन बातों का ध्यान

कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी पर दान करने से पहले भगवान गणेश की विधिपूर्वक पूजा करें। इसके बाद श्रद्धापूर्वक दान करें। दान हमेशा योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति को ही देना चाहिए। दान देते समय मन में अहंकार या किसी प्रकार की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार श्रद्धा और पवित्र भाव से किया गया दान ही पूर्ण फल प्रदान करता है।

पूजा और दान का शुभ संयोग

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कृष्णापिंगल संकष्टी चतुर्थी के दिन व्रत रखने, भगवान गणेश को दूर्वा, लाल पुष्प, सिंदूर, मोदक और लड्डू अर्पित करने के साथ यदि श्रद्धा अनुसार तिल, गुड़, अन्न, वस्त्र, फल, घी और दक्षिणा का दान किया जाए तो भगवान गणेश की विशेष कृपा प्राप्त होती है। मान्यता है कि इससे जीवन के विघ्न दूर होते हैं, कार्यों में सफलता मिलती है तथा सुख-समृद्धि और मंगल का वास बना रहता है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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