Vaishakh Darsh Amavasya 2025: हिंदू धर्म में वैशाख माह को पूजा-पाठ के लिए बहुत उपयुक्त बताया गया है। इसका उल्लेख गरुड़ पुराण में भी मिलता है। वैसे तो पूरे वैशाख माह में कई त्योहार, उत्सव और ऐसी तिथियां होती हैं
Vaishakh Darsh Amavasya 2025: हिंदू धर्म में वैशाख माह को पूजा-पाठ के लिए बहुत उपयुक्त बताया गया है। इसका उल्लेख गरुड़ पुराण में भी मिलता है। वैसे तो पूरे वैशाख माह में कई त्योहार, उत्सव और ऐसी तिथियां होती हैं जिनमें पूजा-पाठ का अत्यधिक महत्व होता है, लेकिन अगर आपके जीवन में आपके पूर्वज आपसे नाराज हैं या आपके बनते काम बिगड़ जाते हैं तो इस महीने की अमावस्या आपके लिए खास रहेगी।
इस दिन पूजा-पाठ का मिलेगा कई गुना फल
इस बार अमावस्या पर ऐसे महासंयोग बन रहे हैं, ऐसे शुभ योग बन रहे हैं कि इस दिन पूजा-पाठ करने से आपको कई गुना फल मिल सकता है। आप अपने पितरों को प्रसन्न कर सकते हैं। आप अपने कालसर्प दोष की पूजा कर अपने घर में सुख-समृद्धि और बरकत बढ़ा सकते हैं।
एक-दो नहीं बल्कि एक साथ चार महासंयोग
वैदिक पंचांग के अनुसार, 27 अप्रैल को वैशाख अमावस्या है। बता दें कि इस दिन एक-दो नहीं बल्कि चार दुर्लभ संयोग एक साथ बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस तरह से एक साथ कई शुभ संयोग बनना बहुत ही दुर्लभ होता है। इस दिन प्रीति योग, सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ ही शिववास योग भी बन रहा है, इसके साथ ही इस दिन अश्विनी नक्षत्र का संयोग भी बन रहा है जो बहुत दुर्लभ है। हिंदू पंचांग के अनुसार इस बार वैशाख माह में महालाभ संयोग बन रहे हैं।
प्रीति योग
वैदिक पंचांग के अनुसार, वैशाख अमावस्या के दिन देर रात तक प्रीति योग का संयोग बनने वाला है। पंचांग के अनुसार, प्रीति योग रात के 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में प्रीति योग बहुत ही शुभ और मंगलकारी साबित होता है।
सर्वार्थ सिद्धि योग
वैदिक पंचांग के अनुसार, सर्वार्थ सिद्धि योग 27 अप्रैल 2025 को बनने जा रहा है। ज्योतिष शास्त्र में सर्वार्थ सिद्धि योग बहुत ही शुभ माना गया है। बता दें कि यह योग सुबह से ही बन रहा है, यह योग 28 अप्रैल 2025 को सुबह के 05 बजकर 57 मिनट से लेकर दोपहर के 12 बजकर 38 मिनट तक रहेगा। ऐसे में सर्वार्थ सिद्धि योग में किसी भी नए काम को शुरू करना अनुकूल माना गया है।
शिववास योग
इस अमावस्या के साथ ही शिव वास योग भी बन रहा है। शिव वास योग भी रात 1 बजे तक रहेगा। कहा जाता है कि इस योग में पूजा-अर्चना बहुत फलदायी होती है। शिव वास योग में महादेव की पूजा का विशेष विधान बताया गया है।
अश्विनी नक्षत्र
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वैशाख अमावस्या के दिन आश्विनी नक्षत्र भी बन रहा है। इन चार शुभ संयोगों के साथ आश्विनी नक्षत्र का बनना बहुत ही शुभ फलदायी माना गया है। बता दें कि इस दिन अश्विनी नक्षत्र 27 अप्रैल 2025 को सुबह 03 बजकर 39 बजे से शुरू होगा, वहीं समाप्ति की बात करें तो अश्विनी नक्षत्र 28 अप्रैल 2025 को दोपहर 12 बजकर 38 मिनट पर होगा। यह भी पढ़ें- Akshaya Tritiya 2025 Tithi: अक्षय तृतीया पर इन राशियों को मिलेगी नई नौकरी, आय में भी हो सकती है वृद्धि