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Independence Day: स्वतंत्रता दिवस पर विशेष साधना, स्वामी कैलाशानंद गिरि जी ने राष्ट्रकल्याण का लिया संकल्प

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Mahadev Worship: महादेव की आराधना और राष्ट्रभक्ति का यह संगम विशेष रहा और उन अमर बलिदानियों को भी नमन किया गया, जिनके त्याग से भारत स्वतंत्र हुआ। 
 

Kailashanand
Spiritual Practice: सावन की पवित्रता, महादेव की भक्ति और स्वतंत्रता दिवस की राष्ट्रभक्ति इन तीनों भावनाओं का अद्भुत संगम हरिद्वार में देखने को मिला। 15 अगस्त के पावन अवसर पर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज द्वारा भगवान भोलेनाथ की आराधना और विशेष साधना राष्ट्र के कल्याण, भारत की खुशहाली तथा देश की अखंडता के संकल्प के साथ की गई।

सावन भगवान शिव को समर्पित पवित्र मास है। मान्यता है कि इस महीने में सच्चे मन से की गई महादेव की आराधना भक्तों को आध्यात्मिक शक्ति और आत्मबल प्रदान करती है। ऐसे पावन अवसर पर स्वतंत्रता दिवस का पर्व साधना को एक विशेष राष्ट्रीय भाव प्रदान करता है।

भोलेनाथ के चरणों में की प्रार्थना 

स्वामी कैलाशानंद गिरि जी महाराज भगवान भोलेनाथ के चरणों में प्रार्थना की, भारत सदैव सुरक्षित, समृद्ध और शक्तिशाली रहे, देश के प्रत्येक नागरिक के जीवन में सुख-शांति आए और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता अक्षुण्ण रहे। साधना में जम्मू-कश्मीर की संपूर्ण अखंडता और पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले भारतीय भू-भाग के संबंध में भारत की राष्ट्रीय भावना के अनुरूप संकल्प भी व्यक्त किया गया।

अमर बलिदानियों को किया गया नमन

महादेव की आराधना और राष्ट्रभक्ति का यह संगम विशेष रहा और उन अमर बलिदानियों को भी नमन किया गया, जिनके त्याग से भारत स्वतंत्र हुआ। स्वतंत्रता दिवस हमें याद दिलाता है कि देश की आजादी केवल एक पर्व नहीं, बल्कि करोड़ों भारतीयों के बलिदान, संघर्ष और संकल्प की अमूल्य विरासत है। भोले बाबा के चरणों में राष्ट्र के लिए प्रार्थना, सावन की साधना में भारत के उज्ज्वल भविष्य का संकल्प और 15 अगस्त पर वीर शहीदों को नमन आज की साधना इसी भावना को समर्पित रही।

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