Kajari Teej Puja Vidhi, Samagri List: कजरी तीज शादीशुदा महिलाओं का एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं।
Kajari Teej Puja Vidhi, Samagri List: कजरी तीज शादीशुदा महिलाओं का एक प्रमुख त्योहार है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए निर्जला व्रत रखती हैं। इस त्योहार के लिए जौ, गेहूं, चना और चावल के सत्तू में घी मिलाकर कई तरह के पकवान बनाए जाते हैं। इस दिन नीम के पेड़ और गाय की पूजा का विशेष महत्व है। करवा चौथ की तरह ही, कजरी तीज का व्रत भी चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही खोला जाता है। इस दिन विशेष रूप से भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। यहां हम कजरी तीज की पूजा की पूरी विधि बता रहे हैं।
कजरी तीज पूजा सामग्री की सूची
माता पार्वती और भगवान शिव की मूर्तियां, पीला कपड़ा, नारियल, सुपारी, कलश, अक्षत, दूर्वा घास, घी, कपूर, कच्चा सूती धागा, नए कपड़े, केले के पत्ते, बेलपत्र , भांग, धतूरा, शमी के पत्ते, जनेऊ, अबीर-गुलाल, श्रीफल, चंदन का लेप, गाय का दूध, गंगाजल , दही, मिश्री, शहद, पंचामृत, और माता पार्वती को चढ़ाने के लिए सुहाग की सामग्री ।
कजरी तीज पूजा विधि
सूर्योदय से पहले उठें, स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
पूजा के स्थान के पास एक लकड़ी की चौकी रखें और उस पर लाल या पीला कपड़ा बिछाएं।
चौकी पर माता पार्वती और भगवान शिव की मूर्तियां स्थापित करें। आप मिट्टी से खुद भी ये मूर्तियां बना सकते हैं।
मूर्तियों के सामने घी का दीपक जलाएं।
माता गौरी को सोलह श्रृंगार की सामग्री अर्पित करें।
निर्धारित रीति-रिवाजों के अनुसार शिव और गौरी की पूजा करें। भगवान शिव को बेलपत्र, गाय का दूध, गंगाजल, चंदन का लेप, भांग, इत्र और धतूरा अर्पित करें।
हाथ में अक्षत लेकर कजरी तीज की कथा सुनें।
रात में चंद्रमा की पूजा करें; चंद्रमा को जल चढ़ाते समय हाथ में चांदी की अंगूठी और गेहूं के दाने रखें।
इस दिन किसी ज़रूरतमंद विवाहित महिला को सुहाग की सामग्री ज़रूर भेंट करें और उनका आशीर्वाद लें। इसके बाद, अपने ससुराल वालों और पति के पैर छूकर आशीर्वाद लें और फिर व्रत खोलें।
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कजरी तीज पर चंद्रमा को अर्घ्य देने की विधि
महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद ही कजरी तीज का व्रत खोलती हैं। ध्यान रखें कि इस दिन चंद्रमा को जल चढ़ाते समय आपके हाथ में चांदी की अंगूठी या सिक्का और कुछ गेहूं के दाने हों। अर्घ्य देने के बाद, परिवार के बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद लें और फिर व्रत खोलें।
कजरी तीज 2026 शुभ समय
सूर्योदय: सुबह 5:58 बजे
अमृत चौघड़िया: सुबह 5:58 बजे से सुबह 7:34 बजे तक
शुभ चौघड़िया: सुबह 9:10 बजे से सुबह 10:45 बजे तक
लाभ चौघड़िया: दोपहर 3:33 बजे से शाम 5:08 बजे तक
अमृत चौघड़िया: शाम 5:08 बजे से शाम 6:44 बजे तक
सूर्यास्त: शाम 6:44 बजे
कजरी तीज का महत्व
हिंदू धर्म में कजरी तीज का बहुत महत्व है। विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए यह व्रत रखती हैं। वे परिवार में शांति, सद्भाव और समृद्धि के लिए भगवान शिव और माता पार्वती से प्रार्थना भी करती हैं। मान्यता के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव को पति के रूप में पाने के लिए कठोर तपस्या की थी और कजरी तीज का व्रत रखा था। इसीलिए, कुंवारी लड़कियां भी अच्छे पति की कामना के साथ यह व्रत रखती हैं। इस दिन 'सोलह श्रृंगार' करना बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है और शाम को चंद्रमा को जल चढ़ाया जाता है। यह भी पढ़ें-
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)