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Somvati Amavasya 2025: इस साल कब है सोमवती अमावस्या, जानें शुभ तिथि, मुहूर्त व महत्व

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Somvati Amavasya 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, 2025 में सोमवती अमावस्या 26 मई, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन अमावस्या तिथि दोपहर 12:11 बजे से शुरू होकर 27 मई को सुबह 8:31 बजे तक रहेगी।

Somvati Amavasya 2025
Somvati Amavasya 2025: हिंदू पंचांग के अनुसार, 2025 में सोमवती अमावस्या 26 मई, सोमवार को मनाई जाएगी। इस दिन अमावस्या तिथि दोपहर 12:11 बजे से शुरू होकर 27 मई को सुबह 8:31 बजे तक रहेगी। चूंकि अमावस्या तिथि 26 मई को उदय हो रही है, इसलिए सोमवती अमावस्या का व्रत और पूजा इसी दिन की जाएगी। तो जानिए सही तिथि और पूजा विधि।

स्नान और दान का शुभ मुहूर्त

सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान का विशेष महत्व होता है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:03 बजे से 4:44 बजे तक रहेगा। इसके बाद दूसरा शुभ मुहूर्त सुबह 4:24 बजे से 5:25 बजे तक रहेगा। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11:51 बजे से दोपहर 12:46 बजे तक रहेगा।

पूजा विधि और धार्मिक महत्व

भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा: सोमवार का दिन भगवान शिव को समर्पित है। इस दिन शिवलिंग पर जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा आदि चढ़ाकर भगवान शिव की पूजा करनी चाहिए।

वट वृक्ष की पूजा: विवाहित महिलाएं इस दिन वट वृक्ष (बरगद के पेड़) की पूजा करती हैं और उसके चारों ओर कच्चा सूत लपेटकर परिक्रमा करती हैं। यह व्रत पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन के लिए किया जाता है।

पितरों का तर्पण: इस दिन पितरों की आत्मा की शांति के लिए तर्पण और पिंडदान करना बहुत पुण्य का काम माना जाता है। मान्यता है कि इससे पितर प्रसन्न होते हैं और आशीर्वाद देते हैं।

दान: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सोमवती अमावस्या के दिन यदि आप चावल, दूध, मिश्री, सफेद कपड़े, चांदी आदि चीजों का दान करते हैं तो यह बहुत ही शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन गरीबों को भोजन कराना और कपड़े दान करना भी पुण्य का काम है।

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