facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  saint stories  sadhvi krishnapriya ji said one cannot reach vrindavan without radha rani s consent

Sadhvi Krishnapriya Ji: राधा रानी की मर्जी के बिना नहीं पहुंच सकते वृंदावन, साध्वी कृष्णप्रिया जी ने बताया

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Vrindavan Ki Mahima: जब भी किसी भक्त को मथुरा, वृंदावन या बरसाना जाने का अवसर मिले, तो उसे केवल अपनी उपलब्धि न समझकर भगवान और श्री राधारानी की कृपा मानना चाहिए।

Sadhvi Krishnapriya Ji
Radha Krishna Bhakti: ब्रज धाम की यात्रा केवल मनुष्य की इच्छा से नहीं होती, बल्कि इसके पीछे भगवान श्रीकृष्ण और श्री राधारानी की विशेष कृपा मानी जाती है। अक्सर हम सुनते हैं कि अगर किसी व्यक्ति का वृंदावन जाने का सौभाग्य बन गया, तो यह समझना चाहिए कि उसके जीवन पर श्रीकृष्ण की कृपा हुई है। लेकिन बरसाना और श्री राधारानी की नगरी की बात इससे भी अधिक विशेष मानी जाती है। मान्यता है कि बिना श्री राधारानी की इच्छा और कृपा के व्यक्ति वहां पहुंच ही नहीं सकता।

साध्वी कृष्णप्रिया जी बताती हैं कि बरसाना कोई सामान्य स्थान नहीं है। यह श्री राधारानी की पावन भूमि है। इसलिए यहां पहुंचना उनके आशीर्वाद से ही संभव माना जाता है। भक्तों की भावना है कि जब तक श्री राधारानी स्वयं अपनी कृपा न करें, तब तक व्यक्ति के मन में बरसाना जाने की इच्छा भी पूरी तरह से नहीं जागती और न ही यात्रा का संयोग बनता है। यही कारण है कि राधा भक्त बरसाना पहुंचने को अपने जीवन का बड़ा सौभाग्य मानते हैं।

पूरा ब्रज ही राधा-कृष्ण का स्वरूप

साध्वी जी यह भी समझाती हैं कि हमें किसी एक स्थान को ही सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानकर बाकी ब्रज क्षेत्रों की महिमा को कम नहीं समझना चाहिए। पूरा ब्रज श्री राधा और श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा हुआ है। ब्रज का प्रत्येक कण अपने भीतर उनकी दिव्य स्मृतियां और लीलाएं समेटे हुए है। चाहे वह वृंदावन हो, बरसाना हो, नंदगांव हो या ब्रज का कोई अन्य क्षेत्र, हर जगह भक्तों को राधा-कृष्ण की उपस्थिति का अनुभव करने का अवसर मिलता है।

ब्रज के हर कण में राधा-कृष्ण

ब्रज भूमि को श्री राधारानी और श्रीकृष्ण का जीवंत स्वरूप कहा जाता है। यहां आने वाला श्रद्धालु यदि सच्चे भाव से दर्शन करे और मन को भक्ति में लगाए, तो उसे हर स्थान पर ठाकुर जी और किशोरी जी की अनुभूति हो सकती है। जरूरत केवल बाहरी यात्रा करने की नहीं, बल्कि मन से ब्रज को स्वीकार करने की है।

कृपा से बनता है ब्रज आने का संयोग

साध्वी कृष्णप्रिया जी कहती हैं कि जब भी किसी भक्त को मथुरा, वृंदावन या बरसाना जाने का अवसर मिले, तो उसे केवल अपनी उपलब्धि न समझकर भगवान और श्री राधारानी की कृपा मानना चाहिए। ब्रज की यात्रा एक आध्यात्मिक सौभाग्य है। भक्तों की यही भावना है कि श्री राधारानी और श्रीकृष्ण जिस पर कृपा करते हैं, उसके जीवन में ब्रज धाम की यात्रा का सुंदर संयोग अवश्य बनता है।

ये भी  पढ़ें -  राधा अष्टमी पर कैसे करें किशोरी जी की पूजा, जानिए पूरी विधि

कथावाचक साध्वी कृष्णप्रिया जी
जानिए गुरूजी के बारे मेंकथावाचक साध्वी कृष्णप्रिया जी

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel