facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  saint stories  pradeep mishra ji maharaj told who is your true well wisher in life

Pradeep Mishra Ji Maharaj: जीवन में कौन है आपका सच्चा हितैषी? जानें प्रदीप मिश्रा जी महाराज ने क्या बताया

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Life Lessons: जीवन में सुख के समय साथ देने वाले तो बहुत मिल जाते हैं, लेकिन दुख के समय जो व्यक्ति आपका हाथ पकड़कर आपके साथ खड़ा रहे, वही वास्तव में आपका सच्चा हितैषी है। 
 

Pradeep Mishra Ji Maharaj
Spiritual Knowledge: जीवन में हमारे आसपास बहुत से लोग होते हैं। कुछ लोग हमारे सुख में हमारे साथ दिखाई देते हैं, खुशियों में शामिल होते हैं और अच्छे समय में हमारी तारीफ भी करते हैं। लेकिन किसी व्यक्ति के सच्चे प्रेम और अपनापन की असली पहचान उस समय होती है, जब हमारे जीवन में दुख, परेशानी या संकट आता है। प्रदीप मिश्रा जी महाराज ने इसी बात को बहुत सरल तरीके से समझाते हुए कहा कि दुख की घड़ी में जो व्यक्ति हमारे साथ खड़ा रहता है, वही हमारा सच्चा हितैषी और प्रेमी है।

महाराज जी ने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति बीमार होकर अस्पताल पहुंचता है, तब कई बार परिवार और परिचितों में से बहुत से लोग धीरे-धीरे दूर हो जाते हैं। लेकिन अगर उस कठिन समय में कोई एक व्यक्ति अस्पताल के गेट पर खड़ा होकर आपका हाल पूछता है, आपके लिए चिंता करता है और जरूरत पड़ने पर आपके साथ रहता है, तो समझ लेना चाहिए कि उसके मन में आपके लिए सच्चा प्रेम है। उसका साथ केवल दिखावे के लिए नहीं, बल्कि दिल से है।

थाने के गेट पर कौन साथ खड़ा

इसी तरह जीवन में कभी कोई कानूनी परेशानी या विवाद आ जाए और आपको थाने या कोतवाली के चक्कर लगाने पड़ें, तब भी असली रिश्तों की पहचान हो जाती है। अच्छे समय में साथ रहने वाले बहुत से लोग ऐसे मौके पर किनारा कर लेते हैं। लेकिन अगर कोई व्यक्ति आपकी परेशानी को अपनी परेशानी समझकर थाने के गेट तक आपके साथ पहुंचता है और आपको अकेला नहीं छोड़ता, तो वही आपके प्रति सच्ची भावना रखता है।

अदालत की परेशानी में साथ देने वाला

महाराज जी ने अदालत का उदाहरण भी दिया। जब किसी व्यक्ति पर मुकदमा या कोई कानूनी संकट आता है, तब कई लोग डरकर दूर हो जाते हैं। लेकिन यदि उस कठिन परिस्थिति में कोई रिश्तेदार या अपना व्यक्ति आपके साथ खड़ा रहता है, आपका हौसला बढ़ाता है और जरूरत के समय मदद करता है, तो समझना चाहिए कि यही सच्चे रिश्ते की निशानी है।

दुख की घड़ी ही रिश्तों की परीक्षा

जीवन में सुख के समय साथ देने वाले तो बहुत मिल जाते हैं, लेकिन दुख के समय जो व्यक्ति आपका हाथ पकड़कर आपके साथ खड़ा रहे, वही वास्तव में आपका सच्चा हितैषी है। इसलिए हमें भी दूसरों के लिए ऐसा ही बनना चाहिए। किसी के अच्छे समय में खुश होना आसान है, लेकिन उसके बुरे समय में उसका साथ निभाना ही सच्चे प्रेम और इंसानियत की पहचान है।

ये भी पढ़ें -  श्राद्ध में पिंड किस चीज से बनाना चाहिए? जानें पिंडदान के धार्मिक नियम और विधि

पंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज
जानिए गुरूजी के बारे मेंपंडित प्रदीप मिश्रा जी महाराज

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel