Life Lessons: जया किशोरी जी का मानना है कि दूसरों को उपदेश देने से ज्यादा प्रभाव हमारे अच्छे आचरण का होता है। जब हम ईमानदारी, प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी के साथ जीवन जीते हैं, तो हमारे आसपास के लोग भी उससे प्रेरणा लेते हैं।
Motivational Thoughts: आज के समय में समाज को सुधारने की बात तो हर कोई करता है। हम अक्सर दूसरों को बताते हैं कि उन्हें क्या करना चाहिए, कैसे रहना चाहिए और समाज के लिए क्या सही है, लेकिन वास्तव में समाज में बदलाव तभी आ सकता है, जब हर व्यक्ति सबसे पहले अपने जीवन को सुधारने की जिम्मेदारी ले। जया किशोरी जी भी इसी बात पर जोर देती हैं कि दूसरों को सुधारने से पहले हमें खुद को सुधारना चाहिए। हमारे आसपास बहुत-सी समस्याएं हैं। कोई गलत काम करता है, कोई धोखा देता है, कोई चोरी करता है, तो कोई दूसरों का दिल दुखाता है। इन सबके खिलाफ बोलना आसान है, लेकिन अपने व्यवहार को सही रखना उतना ही जरूरी है।
जया किशोरी जी का कहना है कि अगर हम चाहते हैं कि समाज में ईमानदारी हो, तो हमें खुद ईमानदार बनना होगा। लोग एक-दूसरे का सम्मान करें, तो हमें भी दूसरों का सम्मान करना सीखना होगा। समाज किसी एक व्यक्ति से नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों से मिलकर बनता है। इसलिए हर व्यक्ति का व्यवहार समाज पर प्रभाव डालता है। जब एक व्यक्ति गलत काम करने से बचता है, किसी को धोखा नहीं देता, किसी का अधिकार नहीं छीनता और जरूरत पड़ने पर दूसरों की मदद करता है, तो वह अपने स्तर पर समाज को बेहतर बना रहा होता है।
अपनी जिम्मेदारी समझना है जरूरी
हमारी सबसे बड़ी गलती यह होती है कि हम दूसरों की कमियां बहुत जल्दी देख लेते हैं, लेकिन अपनी गलतियों को नजरअंदाज कर देते हैं। हमें यह सोचने की जरूरत है कि समाज में जिस बदलाव की हम उम्मीद दूसरों से करते हैं, क्या उसकी शुरुआत हमने अपने जीवन से की है? यदि हर व्यक्ति रोज अपने व्यवहार और कर्मों पर थोड़ा ध्यान देने लगे, तो धीरे-धीरे बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
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अच्छा जीवन ही है सबसे बड़ा संदेश
जया किशोरी जी का मानना है कि दूसरों को उपदेश देने से ज्यादा प्रभाव हमारे अच्छे आचरण का होता है। जब हम ईमानदारी, प्रेम, सम्मान और जिम्मेदारी के साथ जीवन जीते हैं, तो हमारे आसपास के लोग भी उससे प्रेरणा लेते हैं। इसलिए समाज को सुधारने का सबसे सरल और प्रभावी तरीका यही है कि हम पहले अपना जीवन सुधारें। हम गलत काम न करें, किसी को नुकसान न पहुंचाएं, किसी का दिल न दुखाएं और अपने कर्तव्यों को ईमानदारी से निभाएं। जब हर व्यक्ति खुद पर ध्यान देगा, तो समाज और देश में बदलाव अपने आप दिखाई देने लगेगा।