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Jagannath Temple Kanpur: उत्तर प्रदेश के इस मंदिर में होती है बारिश की भविष्यवाणी, जानें इसका रहस्य

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Jagannath Temple Kanpur: आपने भारत में कई अलग-अलग और अनोखे रहस्मय मंदिरों के बारे में सुना और पढ़ा होगा। लेकिन आज इस खबर में हम एक ऐसे चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने वाले हैं, जहां पर बारिश की भविष्यवाणी की जाती है।

Jagannath Temple Kanpur
Jagannath Temple Kanpur: आपने भारत में कई अलग-अलग और अनोखे रहस्मय मंदिरों के बारे में सुना और पढ़ा होगा। लेकिन आज इस खबर में हम एक ऐसे चमत्कारी मंदिर के बारे में बताने वाले हैं, जहां पर बारिश की भविष्यवाणी की जाती है। सुनने में तोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह मंदिर बारिश की भविष्यवाणी करने के लिए मशहूर है। इस मंदिर के आज-पास जितने भी लोग रहते हैं वे लोग बारिश आने की भविष्यवाणी करते हैं।

अब आपका मन मंदिर के बारे में जानने के लिए व्याकुल हो रहा होगा। बता दें कि यह मंदिर मंदिर उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से तकरीबन 120 किलोमीटर की दूरी पर कानपुर जिले की घाटमपुर में स्थित है। जी हां यह मंदिर भगवान जगन्नाथ का मंदिर है। तो आइए भगवान जगन्नाथ मंदिर के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कैसा दिखता है मंदिर

बता दें कि इस मंदिर की संरचना देखने में बिल्कुल ही अलग दिखता है। क्योंकि इसका जो गुंबद है वो बंगाल और ओडिशा के मंदिरों की तरह गोलाकार है। कहा जाता है कि मंदिर कई रहस्यों से भरा हुआ है। कहा जाता है कि कई सालों से वैज्ञानिक और विशेषज्ञ भी इस मंदिर के रहस्य को लेकर हैरान रहते हैं। इतिहास के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण काल 11वीं शताब्दी में हुआ था।

क्या है मंदिर से जुड़े किसानों की आस्था

माना जाता है कि मंदिर से 50-60 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गावों के किसान इस मंदिर की भविष्यवाणी पर भरोसा करते हैं। गांव के किसान सबसे पहले मंदिर में जाकर बूंदों को देखते हैं उसके बाद अपने खेत को तैयार करते हैं। इस गांव के लोग मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना भी शुरू करते हैं। साथ ही साथ अच्छी फसल की कामना भी करते हैं।

कैसे की जाती है बारिश की भविष्यवाणी

बता दें कि बारिश की भविष्यवाणी करने के लिए मंदिर के गर्भगृह की छत पर देखा जाता है। क्योंकि मंदिर के गर्भगृह की छत पर एक पत्थर की पटिया है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, बारिश से कुछ दिन पहले ही उस पटिया से पानी की बूंदें टपकने लगती हैं। लोग इस बात से अंदाजा लगता है कि यदि पटिया नमी है तो हल्की बारिश होती है और उससे बूंदें टपकने लगते हैं तो इसका मतलब है कि अच्छी बारिश होगी। 

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