Vaisakha Amavasya Upay: कई बार कुंडली में कालसर्प दोष या पितृ दोष होने पर व्यक्ति के जीवन में आर्थिक और शारीरिक परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं। इससे व्यक्ति का विकास रुक जाता है। वहीं, इन सभी दोषों से मुक्ति पाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या तिथि को शुभ माना गया है।
Vaisakha Amavasya Upay: कई बार कुंडली में कालसर्प दोष या पितृ दोष होने पर व्यक्ति के जीवन में आर्थिक और शारीरिक परेशानियां उत्पन्न होने लगती हैं। इससे व्यक्ति का विकास रुक जाता है। वहीं, इन सभी दोषों से मुक्ति पाने के लिए ज्योतिष शास्त्र में अमावस्या तिथि को शुभ माना गया है। मान्यता है कि इस दिन पितृ या कालसर्प दोष से संबंधित उपाय करने से मुक्ति मिलती है। बता दें कि कुछ ही दिन बाद वैशाख अमावस्या की तिथि आने वाली है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार इस बार की अमावस्या तिथि बेहद खास रहने वाली है।
वैदिक पंचांग के अनुसार 27 अप्रैल को वैशाख माह की अमावस्या तिथि है। अगर किसी कारणवश पितर नाराज हैं या कुंडली में कालसर्प दोष है तो वैशाख अमावस्या पर उपाय करके पितरों को प्रसन्न किया जा सकता है। मान्यता है कि जो जातक इन उपायों को करते हैं उन्हें कालसर्प दोष से भी मुक्ति मिल सकती है। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र में माघ और कार्तिक की तरह वैशाख महीने को भी बहुत ही ज्यादा शुभ माना गया है। धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, वैशाख का महीना श्री कृष्ण को बेहद ही प्रिय है।
कैसे जानें पितृ दोष है?
ज्योतिषी बताते हैं कि पितृ दोष के कई लक्षण होते हैं। जैसे घर के पेड़-पौधे अचानक सूख जाना। घर में लगातार गृह क्लेश बना रहना। दुर्घटना होने की भी संभावना बनी रहती है। विवाह में देरी होना। परीक्षा में बार-बार फेल होना। संतान सुख से वंचित रहना। धन कमाने के बावजूद घर पर न टिक पाना आदि।
काल सर्प दोष के लक्षण
ज्योतिषी के अनुसार काल सर्प दोष के कई लक्षण होते हैं। जैसे रात को सोते समय सांप दिखना। रात में डरावने सपने आना। अनिद्रा से पीड़ित होना। मानसिक तनाव। जीवनसाथी से लगातार बहस होना। ये काल सर्प दोष के लक्षण हैं।