Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का बहुत ही खास महत्व है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा करने से घर में धन-संपत्ति बढ़ती है।
Akshaya Tritiya 2025: अक्षय तृतीया हर साल वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाई जाती है। हिंदू धर्म में इस त्योहार का बहुत ही खास महत्व है। मान्यता है कि अक्षय तृतीया पर भगवान विष्णु, देवी लक्ष्मी और धन के देवता कुबेर की पूजा करने से घर में धन-संपत्ति बढ़ती है। उस घर में देवी लक्ष्मी सदैव निवास करती हैं। इस दिन सोना, चांदी, पीतल और तांबे के आभूषण खरीदने का भी विधान है। अगर कोई व्यक्ति इस दिन कुछ खरीद नहीं पाता है तो घर में कुछ जगहों पर दीपक जलाने से भी देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। आइए इस खबर में जानते हैं कि अक्षय तृतीया पर घर में किन जगहों पर दीपक जलाना चाहिए।
कब है अक्षय तृतीया
वैदिक पंचांग के अनुसार इस साल अक्षय तृतीया 30 अप्रैल को है। अक्षय तृतीया पर कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करना श्रेष्ठ होता है। इस दिन दीपदान का विशेष महत्व होता है। दीपदान समृद्धि, शुभता और बरकत का प्रतीक है। इस दिन घर में कुछ जगहों पर मिट्टी के दीयों में घी का दीपदान जरूर करना चाहिए। इससे देवी लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि आती है। साथ ही पूरे घर में सकारात्मक ऊर्जा फैलती है।
घर के इन जगहों पर जलाएं दीपक
घर का मुख्य द्वार
अक्षय तृतीया पर रात के समय घर के मुख्य द्वार पर दीपक अवश्य जलाएं। यहीं से देवी लक्ष्मी का प्रवेश होता है और यहां सकारात्मक ऊर्जा का वास भी होता है।
तुलसी के पेड़ के नीचे
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हिंदू धर्म में तुलसी को देवी लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है। बता दें कि अक्षय तृतीया के दिन तुलसी के पेड़ के नीचे दीपक अवश्य जलाने चाहिए। मान्यता है कि ऐसा करने से धन की देवी मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।
रसोई घर
रसोई में जहां आपका खाना रोज बनता है, वहां दीपक जलाएं। इससे घर में कभी दरिद्रता नहीं आएगी।
भंडार
अक्षय तृतीया पर अपने भंडार गृह में दीपक जलाएं। इससे घर का भंडार गृह साल भर भरा रहता है और देवी लक्ष्मी की कृपा से कभी भी अन्न की कमी नहीं होती।