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Pitrupaksha : क्या है पितृपक्ष में दीपक जलाने का महत्व, जानिए

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Pitrupaksha : पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंड दान जैसे रीति-रिवाजों के साथ-साथ कई परिवार अपने पूर्वजों के लिए दीपक भी जलाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय पूर्वजों के लिए दीपक जलाने से उनका आशीर्वाद मिलता है

Pitrupaksha
Pitrupaksha : पितृ पक्ष के दौरान श्राद्ध, तर्पण और पिंड दान जैसे रीति-रिवाजों के साथ-साथ कई परिवार अपने पूर्वजों के लिए दीपक भी जलाते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शाम के समय पूर्वजों के लिए दीपक जलाने से उनका आशीर्वाद मिलता है और घर में सुख-शांति बनी रहती है। एक और मान्यता यह है कि शाम को मुख्य द्वार पर दीपक जलाया जाता है ताकि घर आते समय पूर्वजों को अंधेरे का सामना न करना पड़े। अगर आप भी पितृ पक्ष में अपने पूर्वजों के लिए दीपक जलाते हैं तो सही दिशा और स्थान जानना ज़रूरी है। आइए, इसके बारे में विस्तार से जानते हैं।

पितृ पक्ष में शाम को दीपक क्यों जलाया जाता है?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में पूर्वजों को याद करना और उनके लिए अनुष्ठान करना बहुत शुभ और फलदायी माना जाता है। शाम को दीपक जलाना पूर्वजों के प्रति सम्मान प्रकट करने का एक तरीका है। दीपक की रोशनी सम्मान और याद का प्रतीक है, जिससे घर में सकारात्मक माहौल बनता है।

पूर्वजों के लिए दीपक दक्षिण दिशा की ओर मुख करके क्यों जलाया जाता है?

हिंदू धर्म में, दक्षिण दिशा का संबंध पूर्वजों और यमराज से माना जाता है। इसलिए पूर्वजों के लिए दीपक जलाते समय दक्षिण दिशा का विशेष महत्व होता है।

पितृ पक्ष में शाम को दक्षिण दिशा की ओर मुख करके दीपक जलाने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। इससे उन्हें यह भी पता चलता है कि इस दौरान उनका परिवार उनके आने का इंतज़ार कर रहा है।

दीपक की लौ किस दिशा में होनी चाहिए?

पूर्वजों के लिए दीपक जलाते समय लौ दक्षिण दिशा की ओर होनी चाहिए। दीपक में तिल के तेल या सरसों के तेल का इस्तेमाल करना चाहिए। इसे जलाते समय अपने पूर्वजों को याद करें और उनके प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त करें।

मुख्य द्वार पर पूर्वजों के लिए दीपक कहाँ रखना चाहिए?

पितृ पक्ष में शाम को घर के मुख्य द्वार के बाहर पूर्वजों के लिए दीपक जलाने की परंपरा है। दीपक को सुरक्षित स्थान पर रखें और उसकी लौ दक्षिण दिशा की ओर रखें।

आप पीपल के पेड़ के नीचे भी दीपक जला सकते हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पीपल के पेड़ के नीचे अपने पूर्वजों के लिए दीपक जलाना शुभ माना जाता है। अगर आस-पास पीपल का पेड़ हो, तो शाम के समय वहाँ दीपक जलाकर पूर्वजों को याद किया जा सकता है और उनका सम्मान किया जा सकता है। इसके अलावा, तुलसी के पौधे के पास या जहाँ पीने का पानी रखा जाता है वहाँ भी पूर्वजों के लिए दीपक जलाने की परंपरा है।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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