facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  papankusha ekadshi papankusha ekadashi par is vidhi se karen puja milega labh

Papankusha Ekadashi: पापांकुशा एकादशी पर इस विधि से करें पूजा, मिलेगा लाभ

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Papankusha Ekadashi: पापांकुशा एकादशी का व्रत आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी  को रखा जाता है। दूसरी एकादशियों की तरह, यह व्रत भी भगवान विष्णु को समर्पित है

Papankusha Ekadashi:
Papankusha Ekadashi: पापांकुशा एकादशी का व्रत आश्विन महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी  को रखा जाता है। दूसरी एकादशियों की तरह, यह व्रत भी भगवान विष्णु को समर्पित है। माना जाता है कि इस व्रत को रखने से भक्त के सभी पाप धुल जाते हैं और अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है। जो लोग यह व्रत रखते हैं उन्हें धन-समृद्धि और मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है।

एकादशी पूजा की विधि

सबसे पहले पूजा की जगह को साफ करें, लकड़ी की एक छोटी चौकी रखें और उस पर गंगाजल छिड़क कर उसे पवित्र करें। फिर, चौकी पर पीला कपड़ा बिछाएं। चौकी के दाईं ओर एक दीपक जलाएं।
चौकी के सामने बिछी साफ चटाई पर बैठें। अपने बाएं हाथ से बर्तन से पानी लेकर अपनी दाहिनी हथेली में डालें और हाथों को पवित्र करें। फिर, अपने माथे पर तिलक लगाएं।
चौकी पर आसन के रूप में थोड़े से अक्षत  रखें और उन पर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें।
इसके बाद, चौकी पर भगवान विष्णु की मूर्ति या तस्वीर रखें।
पानी के बर्तन में डूबे फूल का इस्तेमाल करके भगवान गणेश और भगवान विष्णु पर पानी छिड़कें और प्रतीकात्मक स्नान कराएं।
भगवान गणेश को हल्दी, कुमकुम, अक्षत और चंदन का तिलक लगाएं।
वस्त्र के रूप में जनेऊ अर्पित करें। फिर, फूल चढ़ाएं और भगवान गणेश को आदरपूर्वक नमन करें।
भगवान विष्णु को रोली और चंदन का तिलक लगाएं। साथ ही, कुमकुम, हल्दी और अक्षत भी अर्पित करें।
अब, भगवान विष्णु को फूल, जनेऊ और माला अर्पित करते हुए "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नमः" मंत्र का जाप करें।
भगवान विष्णु को तुलसी के पत्तों के साथ मिला हुआ पंचामृत अर्पित करें। चूंकि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है, इसलिए ध्यान रखें कि इसे भोग  में ज़रूर शामिल किया जाए।
अंत में, भोग के रूप में मिठाइयाँ और मौसम के फल चढ़ाएँ। विष्णु सहस्रनाम या श्री हरि स्तोत्र का पाठ करें
भगवान विष्णु की आरती करके पूजा संपन्न करें। आखिर में, भोग को सभी में प्रसाद के रूप में बाँट दें।

पापांकुशा एकादशी का महत्व

हिंदू धर्म में पापांकुशा एकादशी का बहुत धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। माना जाता है कि इस दिन बताए गए नियमों के अनुसार भगवान विष्णु की पूजा करने से लोगों के जीवन में खुशियाँ आती हैं और घर की आर्थिक स्थिति बेहतर होती है। इस दिन व्रत रखने से व्यक्ति को जीवन की चुनौतियों से उबरने में मदद मिलती है और विभिन्न समस्याओं का सामना करने की शक्ति मिलती है।

यह भी पढ़ें:-

Shardiya Navratri: मां दुर्गा को नारियल ही क्यों चढ़ाते हैं? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता 

Shardiya Navratri: कलश स्थापना करते समय इन नियमों का रखें ध्यान, जानें सही विधि 

Shardiya Navratri: शारदीय नवरात्रि में कन्या पूजन में कितनी कन्याओं को कराएं भोजन? जानें धार्मिक मान्यता 
 
(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel