Masik Durga Ashtami June 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हिंदू धर्म में पड़ने वाले प्रत्येक त्योहार का अपना-अपना अलग-अलग महत्व है। बता दें कि प्रत्येक महीने में मां आदि दुर्गा की पूजा करने का प्रावधान है।
Masik Durga Ashtami June 2025: वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, हिंदू धर्म में पड़ने वाले प्रत्येक त्योहार का अपना-अपना अलग-अलग महत्व है। बता दें कि प्रत्येक महीने में मां आदि दुर्गा की पूजा करने का प्रावधान है। बता दें कि प्रत्येक माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि को मासिक दुर्गाष्टमी का पर्व मनाया जाता है। इस दिन जगत जननी मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन मां दुर्गा धरती पर निवास करती हैं और वे अपने भक्तों की सारी मनोकामनाएं भी पूरी करती है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कुछ ऐसे उपाय होते हैं, जिन्हें करने से मां दुर्गा अत्यंत प्रसन्न होती है। साथ ही साथ अपने भक्तों पर कृपा भी बनाए रखती हैं। तो आज इस खबर में जानेंगे कि मासिक दुर्गाष्टमी के दिन कौन-कौन से उपाय करने होते हैं, जिससे मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं।
आखिर कब मनाई जाएगी दुर्गा अष्टमी
वैदिक पंचांग के अनुसार, मासिक दुर्गा अष्टमी जेष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 2 जून को शाम 7 बजकर लग रही है। वहीं इस तिथि का समापन अगले दिन यानी 3 जून को रात 8 बजकर 32 मिनट पर होगा। यानी उदया तिथि के अनुसार, दुर्गा अष्टमी का व्रत 3 जून को रखा जाएगा।
बेहद शुभ संयोग में मनाई जाएगी मासिक दुर्गा अष्टमी
ज्योतिषियों का मानना है कि मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन बहुत ही सुंदर शुभ संयोग बन रहा है, जो इस दिन को और भी ज्यादा खास बना रहा है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, दुर्गा अष्टमी के दिन शिववास योग के साथ वज्र और हर्षण योग भी बन रहा है।
दुर्गा अष्टमी का क्या है महत्व
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मासिक दुर्गा अष्टमी के दिन जो जातक व्रत रखते हैं उन पर मां दुर्गा की कृपा हमेशा बनी रहती है। साथ ही साथ मां का आशीर्वादा भी बना रहता है। ज्योतिषियों का मानना है कि जो जातक मासिक दुर्गा अष्टमी का व्रत पूरे विधि विधान से रखते हैं उनकी सारी मनोकामनाएं भी पूरी होती है। घर में सुख शांति और उन्नति का योग भी बनता है।
दुर्गा अष्टमी के दिन जरूर करें ये खास उपाय
वैदिक ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, मासिक दुर्गाष्टमी के दिन मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए मां दुर्गा का स्तुति का पाठ कर सकते हैं। मान्यता है कि जो जातक इस स्तोत्र का पाठ करता है उसकी सारी मनोकामनाएं पूरी होती हैं। साथ ही साथ जिन लड़कियों की शादी नहीं हो रही है उन्हें तो खासकर इस दिन व्रत रखना चाहिए। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। साथ ही साथ इससे विवाह में आ रही है बाधाएं भी समाप्त हो जाती हैं।
यदि आप वैवाहिक जीवन में खुशियां बनाए रखना चाहते हैं तो आप दुर्गा अष्टमी के दिन सुबह-सुबह स्नान ध्यान करें उसके बाद सफदे फूलों की माला को मां दु्र्गा पर अर्पित करें। इसके बाद दुर्गा चालीसा का पाठ करें। मान्यता है कि ऐसा करने से सारी परेशानियां खत्म हो जाती हैं। साथ ही साथ वैवाहिक जीवन में खुशियां बनी रहती हैं। यह भी पढ़ें- Haridwar Ka Pauranik Rahasya: हरिद्वार का क्या है महत्व, जानें हरि की पौड़ी से जुड़ी पौराणिक कथा
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