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Simhastha Mela Ka Hua Shubharambh: जूना अखाड़े के साधु-संतों ने निकाली कलश यात्रा, पेशवाई से गूंजा उज्जैन नगरी

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Simhastha Kumbh 2028: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में हर 12 साल में कुंभ मेला लगता है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां साधु-संतों का विशाल रेला भी देखने को मिलता है। ऐसा ही नजारा नीलगंगा चौराहे पर गंगा दशहरा के पावन पर्व पर देखने को मिलेगा।

Simhastha Mela Ka Hua Shubharambh
Simhastha Kumbh 2028: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में हर 12 साल में कुंभ मेला लगता है, जिसमें करोड़ों श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां साधु-संतों का विशाल रेला भी देखने को मिलता है। ऐसा ही नजारा नीलगंगा चौराहे (Neelganga crossing) पर गंगा दशहरा (Ganga Dussehra) के पावन पर्व पर देखने को मिलेगा। जिसकी तैयारी अभी से शुरू हो गई है। इस पूरे आयोजन को सफल बनाने के लिए सोमवार से दातार आश्रम नृसिंह मार्ग पर शतचंडी हवनात्मक महारुद्र महायज्ञ शुरू होगा। 

इस अवसर पर जूना अखाड़े के मुख्य संरक्षक एवं अखिल अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि महाराज ने बताया कि यज्ञ शुरू होने से पहले रविवार को श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के साधु-संतों की अगुवाई में कलश यात्रा निकाली गई। इसमें सैकड़ों साधु-संतों ने भाग लिया। मोक्षदायिनी मां शिप्रा का जल कलश में भरकर महायज्ञ स्थल पर लाया गया। 

11 दिवसीय पंच कुंडीय महायज्ञ का आयोजन

जूना अखाड़े के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज के अनुसार, सिंहस्थ महापर्व 2028 के सम्पूर्ण विश्व में सुख-शांति, समृद्धि एवं निर्विघ्न सम्पन्न होने की कामना के साथ जूना अखाड़े द्वारा 11 दिवसीय पंच कुंडीय महायज्ञ का आयोजन किया गया है।

शोभायात्रा में दिखेगी सिंहस्थ की झलक

गंगा दशमी के अवसर पर सुबह श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के नीलगंगा घाट पर साधु-संतों का हुजूम देखने को मिला। नीलगंगा सरोवर में साधु-संतों का आवागमन रहेगा। वहीं, सिंहस्थ महापर्व पर नीलगंगा पड़ाव स्थल से साधु-महात्मा शोभायात्रा के रूप में धूमधाम से नीलगंगा सरोवर पहुंचेंगे।

स्कंद पुराण में मिलता है नीलगंगा सरोवर का वर्णन

स्कंद पुराण के अवंतिका खंड में उज्जैन के प्राचीन नीलगंगा सरोवर का वर्णन मिलतता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, मां गंगा नीलगंगा सरोवर में अवतरित हुई थीं। इसी महत्व को ध्यान में रखते हुए गंगा दशहरा के अवसर पर श्री पंच दशनाम जूना अखाड़े के मुख्य संरक्षक एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री श्री महंत हरि गिरि महाराज के आदेश पर पेशवाई और संतों को स्नान कराया जाता है।

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