विज्ञापन
Home  dharm  jagannath ji ki aarti rath yatra ke pawan avasar par kare jagannath ji ki ye aarti

Jagannath Ji Ki Aarti: रथ यात्रा के पावन अवसर पर करें श्री जगन्नाथ जी की आरती, पूरी होगी हर मनोकामना

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

 Jagannath Ji Ki Aarti: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है। हिंदुओं के लिए यह दिन बहुत पवित्र माना जाता है।

Jagannath Ji Ki Aarti:

Jagannath Ji Ki Aarti: हिंदू कैलेंडर के अनुसार, जगन्नाथ रथ यात्रा हर साल आषाढ़ महीने के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को निकाली जाती है। हिंदुओं के लिए यह दिन बहुत पवित्र माना जाता है। परंपरा के अनुसार, इस दिन भगवान जगन्नाथ अपने बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा के साथ अपनी मौसी के घर विश्राम करने जाते हैं। पुरी रथ यात्रा के दौरान, भगवान विष्णु के लाखों भक्त भगवान का आशीर्वाद पाने के लिए पूरी श्रद्धा के साथ रथ को खींचते हैं। माना जाता है कि जो कोई भी सच्चे मन से भगवान जगन्नाथ की पूजा करता है, उसकी मनोकामनाएं जल्द ही पूरी हो जाती हैं। अगर आप भी भगवान जगन्नाथ की पूजा करना चाहते हैं और उनकी विशेष कृपा पाना चाहते हैं, तो इस आरती का पाठ जरूर करें।



 श्री जगन्नाथ की आरती

आरती श्री जगन्नाथ,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,

  मंगलकारी नाथ आपादा हरि,
कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,

अगर कपूर बाटी भव से धारी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,

आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
घर घरन बजता बाजे बंसुरी,

घर घरन बजता बाजे बंसुरी,
झांझ या मृदंग बाजे,ताल खनजरी,

 आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
 आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,

निरखत मुखारविंद परसोत चरनारविन्द आपादा हरि,
जगन्नाथ स्वामी के अताको चढे वेद की धुवानी,

जगन्नाथ स्वामी के भोग लागो बैकुंठपुरी,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,

इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,
इंद्र दमन सिंह गजे रोहिणी खड़ी,

मार्कंडेय स्व गंगा आनंद भरि,
आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,

आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,

सरनार मुनि द्वारे तदे ब्रह्म वेद भानी,
धन धन ओह सुर स्वामी आनंद गढ़ी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
 आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी,
मंगलकारी नाथ आपादा हरि,

कंचन को धुप दीप ज्योत जगमगी,
अगर कपूर बाटी भव से धारी,

आरती श्री जगन्नाथ मंगल कारी,
आरती श्री बैकुंठ मंगलकारी

यह भी पढ़ें 

Lord Jagannath: पवित्र स्नान के बाद बीमार क्यों पड़ जाते हैं भगवान जगन्नाथ? पौराणिक कथा से जानें इसका रहस्य 

Lord Jagannath: भगवान जगन्नाथ को 108 कलशों से क्यों करवाया जाता है स्नान? पौराणिक कथा से जानें इसका रहस्य

Jagannath Bhog Niyam: भगवान जगन्नाथ को 15 दिन किन चीजों का लगेगा भोग, जानें नियम और परंपरा

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel