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Hariyali Teej: हरियाली तीज पर जरूर करें इन चीजों का दान, जानिए महत्व

जीवांजलि धार्मिक डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Hariyali Teej Daan : भारतीय संस्कृति में हरियाली तीज का त्योहार वैवाहिक सुख प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यह दिन देवी पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है।

Hariyali Teej Daan :
Hariyali Teej Daan : भारतीय संस्कृति में हरियाली तीज का त्योहार वैवाहिक सुख प्रेम और श्रद्धा का प्रतीक माना जाता है। यह दिन देवी पार्वती और भगवान शिव के पुनर्मिलन की याद में मनाया जाता है। व्रत, पूजा, श्रृंगार और भक्ति के साथ-साथ इस दिन दान का भी विशेष महत्व है। शास्त्रों के अनुसार हरियाली तीज पर कुछ खास चीज़ों का दान करने से विशेष पुण्य मिलता है और जीवन में सुख शांति और सौभाग्य आता है। आइए जानते हैं कि हरियाली तीज पर किन पवित्र चीज़ों का दान करना शुभ माना जाता है।

हरियाली तीज पर दान करने योग्य वस्तुएं

सुहाग की वस्तुओं का दान
हरियाली तीज पर विवाहित महिलाएं सुहाग की निशानी वाली चीज़ें जैसे चूड़ियां, बिंदी, सिंदूर, मेहंदी, काजल और बिछिया दूसरी महिलाओं को दान करती हैं। इसे 'सौभाग्य सामग्री' का दान कहा जाता है। माना जाता है कि इससे देवी पार्वती प्रसन्न होती हैं और दान करने वाली महिला को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है।

अनाज और फलों का दान
इस दिन गेहूं, चावल, मूंग और तिल जैसे अनाज के साथ-साथ मौसमी फलों का दान करना बहुत पुण्यकारी माना जाता है। ऐसे दान ज़रूरतमंदों या ब्राह्मणों को करने चाहिए। इससे जीवन में कभी अन्न की कमी नहीं होती और परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।

वस्त्र और श्रृंगार की वस्तुओं का दान
हरियाली तीज पर नई साड़ियां, दुपट्टे, चूड़ियां, बर्तन या श्रृंगार की वस्तुएं दान करने से दरिद्रता दूर होती है और घर में देवी लक्ष्मी का आगमन होता है। किसी छोटी बच्ची या ब्राह्मण महिला को ये उपहार देने से और भी अधिक आध्यात्मिक लाभ मिलता है।

धातु के बर्तन और दक्षिणा
हरियाली तीज पर पीतल, तांबे या स्टील के बर्तनों का दान करना बहुत शुभ माना जाता है। दान के साथ दक्षिणा देना भी पुण्य का काम है। इससे मनोकामनाएं पूरी होती हैं और व्रत रखने वाले व्यक्ति का जीवन बाधाओं से मुक्त रहता है। 

हरियाली या प्रकृति से जुड़ी चीज़ों का दान
इस दिन तुलसी का पौधा, पान के पत्ते या फूलों की माला दान करना बहुत शुभ माना जाता है। इससे न केवल पर्यावरण को लाभ होता है, बल्कि पितृ दोष  को दूर करने में भी मदद मिलती है। हरियाली से जुड़ी चीज़ें भेंट करने से घर में शांति और संतुलन बना रहता है।

हरियाली तीज पर ज़रूर किए जाने वाले काम

सोलह श्रृंगार: हरियाली तीज का व्रत रखने वाली महिलाओं को सोलह श्रृंगार ज़रूर करना चाहिए। इस रस्म के बिना व्रत पूरा नहीं माना जाता। विवाहित महिलाओं को इस दिन सुहाग की निशानियाँ जैसे चूड़ियाँ, बिंदी, सिंदूर आदि ज़रूर पहननी चाहिए।

हरे रंग के कपड़े पहनें:इस दिन आपको हरे रंग के कपड़े पहनने चाहिए। हरा रंग सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। हरियाली तीज पर हरे रंग के कपड़े पहनने से शुभ फल मिलते हैं। आप हरे रंग के गहने, कपड़े या एक्सेसरीज़ पहन सकती हैं।

दान करें: व्रत रखने वाली महिलाओं को अपनी क्षमता के अनुसार दान करना चाहिए। हिंदू धर्म में दान-पुण्य को बहुत पुण्य का काम माना जाता है। ऐसा करने से न केवल मन को शांति मिलती है, बल्कि देवी-देवताओं का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है।

पानी न पिएँ: हरियाली तीज का व्रत निर्जला रखा जाता है। व्रत रखने वाली महिलाओं को पूरे दिन पानी नहीं पीना चाहिए ताकि उन्हें व्रत का पूरा शुभ फल मिल सके।

अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियाँ: यदि संभव हो, तो इस दिन झूले का आनंद लें। यदि ऐसा करना संभव न हो, तो आप दूसरों के साथ मिलकर भजन और कीर्तन कर सकती हैं। इन गतिविधियों में शामिल होने से भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक: व्रत रखने वाली विवाहित महिलाओं को अपने पति के साथ मिलकर पंचामृत से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए। इससे वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है और परिवार में आपसी तालमेल बढ़ता है। 

धार्मिक किताबें पढ़ें:इस दिन आपको धार्मिक और आध्यात्मिक किताबें पढ़नी चाहिए। ऐसा करने से मन शांत होता है और ईश्वर की भक्ति में ध्यान लगाने में मदद मिलती है।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

 

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