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Hariyali Amavasya Pooja Vidhi :  हरियाली अमावस्या पर इस विधि से करें पूजा, मिलेगा भगवान शिव का आशीर्वाद

जीवांजलि धार्मिक डेस्कPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Hariyali Amavasya Pooja Vidhi :  सनातन धर्म में हरियाली अमावस्या का विशेष महत्व है। यह श्रावण महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। यह त्योहार प्रकृति और हरियाली से गहराई से जुड़ा है। चूंकि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है,

Hariyali Amavasya Pooja Vidhi : 
Hariyali Amavasya Pooja Vidhi :  सनातन धर्म में हरियाली अमावस्या का विशेष महत्व है। यह श्रावण महीने की अमावस्या को मनाई जाती है। यह त्योहार प्रकृति और हरियाली से गहराई से जुड़ा है। चूंकि सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है, इसलिए इस दिन शिव की पूजा, तर्पण, दान-पुण्य और वृक्षारोपण जैसे कार्यों को विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस अवसर पर देश के कई राज्यों में मेले, धार्मिक कार्यक्रम और वृक्षारोपण अभियान आयोजित किए जाते हैं। माना जाता है कि हरियाली अमावस्या पर श्रद्धापूर्वक पूजा करने और पेड़ लगाने से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा आती है। आइए जानते हैं कि हरियाली अमावस्या पर किस तरह भगवान शिव को प्रसन्न करें और उनकी पूजा कैसे करें |

हरियाली अमावस्या 2026 की तारीख

वैदिक कैलेंडर के अनुसार, सावन कृष्ण अमावस्या  12 अगस्त को सुबह 01:53 बजे शुरू होगी। यह अमावस्या तिथि उसी दिन, यानी 12 अगस्त को रात 11:07 बजे तक रहेगी। इसलिए, उदय तिथि  के आधार पर, हरियाली अमावस्या बुधवार, 12 अगस्त को मनाई जाएगी।

हरियाली अमावस्या का शुभ समय

पंचांग के अनुसार, इस वर्ष हरियाली अमावस्या पर सुबह से ही शुभ समय रहेगा। 'चर-सामान्य'  मुहूर्त सुबह 05:37 बजे से 07:21 बजे तक है, इसके बाद 'लाभ-उन्नति'  मुहूर्त सुबह 07:21 बजे से 09:04 बजे तक है। 'अमृत-सर्वोत्तम' मुहूर्त सुबह 09:03 बजे से 10:45 बजे तक है। इसके अलावा, दोपहर में शुभ-उत्तम मुहूर्त 12:27 PM से 02:10 PM तक है। इन शुभ समयों के दौरान पूजा-अर्चना की जा सकती है।

पूजा की विधि

1. सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और साफ कपड़े पहनें।
2. घर या मंदिर में भगवान शिव की मूर्ति या शिवलिंग स्थापित करें।
3. भगवान शिव के सामने दीपक जलाएं और पूजा के आसन पर बैठें।
4. पानी और गंगाजल के मिश्रण से शिवलिंग का अभिषेक करें।
5. इसके बाद, देवता को पंचामृत से स्नान कराएं।
6. फिर से पानी से अभिषेक करें और चंदन का लेप, फूल, बेलपत्र और धतूरा चढ़ाएं।
7. शिव मंत्र "ॐ नमः शिवाय" का 108 बार जाप करें।
8. अंत में, धूप और दीपक जलाकर आरती करें और फल व मिठाइयां भोग के रूप में अर्पित करें।

हरियाली अमावस्या का महत्व

यह दिन प्रकृति से जुड़ने और भगवान शिव की पूजा करने के लिए समर्पित है। कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने और पूजा करने से जीवन के दुख दूर होते हैं और घर में सुख-शांति आती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन गंगा में पवित्र स्नान करने, दान-पुण्य करने और मंत्रों का जाप करने से पूर्वजों की आत्मा को शांति मिलती है। साथ ही, इस दिन भगवान शनि की पूजा करना भी बहुत फायदेमंद माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में शनि से जुड़ी परेशानियां हैं, उन्हें शनि मंदिर जाना चाहिए, तेल चढ़ाना चाहिए और "ॐ शं शनैश्चराय नमः" मंत्र का जाप करना चाहिए।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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