Surya Grahan 2026: ज्योतिष के नज़रिए से 12 अगस्त, 2026 का दिन बहुत अहम माना जाता है। इस दिन साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लग रहा है और इसी दिन अमावस्या भी है। हालांकि, यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा यानी सूतक काल नहीं माना जाएगा
Surya Grahan 2026: ज्योतिष के नज़रिए से 12 अगस्त, 2026 का दिन बहुत अहम माना जाता है। इस दिन साल का दूसरा सूर्य ग्रहण लग रहा है और इसी दिन अमावस्या भी है। हालांकि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा यानी सूतक काल नहीं माना जाएगा लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है इसलिए सभी को सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर गर्भवती महिलाओं को ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है, क्योंकि ग्रहण का असर उन पर और उनके होने वाले बच्चे पर पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि गर्भवती महिलाओं पर सूर्य ग्रहण का क्या असर हो सकता है और इस दिन उन्हें क्या करना चाहिए और क्या नहीं।
क्या ग्रहण का असर गर्भवती महिलाओं पर पड़ेगा?
आपको बता दें कि ग्रहण के दौरान नकारात्मक ऊर्जा सक्रिय हो जाती है, इसलिए गर्भवती महिलाओं को सावधान रहने की सलाह दी जाती है। हालांकि 2026 का दूसरा सूर्य ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा इसलिए यहां सूतक काल लागू नहीं होगा। इसके बावजूद लोग सावधानी बरतते हैं क्योंकि माना जाता है कि ग्रहण के दिन सूर्य की ऊर्जा पर नकारात्मक असर पड़ता है। इससे गर्भवती महिलाओं को मानसिक परेशानी हो सकती है और होने वाले बच्चे पर भी बुरा असर पड़ सकता है। यही वजह है कि गर्भवती महिलाओं को इस समय कुछ ऐसी चीजें हैं जो नहीं करनी चाहिए
ग्रहण के दिन गर्भवती महिलाओं को क्या नहीं करना चाहिए?
गर्भवती महिलाओं को सूर्य ग्रहण के दौरान घर से बाहर नहीं निकलना चाहिए। अगर बाहर जाना बहुत ज़रूरी हो, तो उन्हें अपने शरीर को ढंककर रखना चाहिए और पेट पर गेरू लगाना चाहिए।
इस दौरान चाकू, कैंची या सुई का इस्तेमाल करने से बचें और सिलाई या कढ़ाई जैसे काम न करें। माना जाता है कि ऐसे कामों से बच्चे में शारीरिक विकृति हो सकती है।
सूर्य ग्रहण को सीधे देखना आंखों के लिए नुकसानदायक होता है; गर्भवती महिलाओं को ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए।
ग्रहण के समय सोना अशुभ माना जाता है। इसके बजाय, भगवान का ध्यान करना चाहिए या मंत्रों का जाप करना चाहिए। ग्रहण के दौरान पका हुआ खाना और पानी अशुद्ध हो जाते हैं। गर्भवती महिलाओं को इस दौरान कुछ भी खाने से बचना चाहिए।
ग्रहण के समय बाल या नाखून काटना अशुभ माना जाता है और इसका असर गर्भ में पल रहे बच्चे पर बुरा पड़ सकता है।
सूर्य ग्रहण के दौरान तुलसी के पौधे की पूजा करना, उसे जल चढ़ाना या उसके पत्ते तोड़ना मना है। अगर आपको खाना बनाने के लिए तुलसी के पत्तों की ज़रूरत हो, तो उन्हें पहले ही तोड़ लें।
सूर्य ग्रहण के दौरान गर्भवती महिलाओं को क्या करना चाहिए?
- भगवान शिव की पूजा करें और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें।
- भजन सुनें, अपने आराध्य देव का ध्यान करें और शांत रहें।
- ग्रहण खत्म होने के बाद स्नान करें और गंगाजल छिड़कें।
- ग्रहण के दौरान पका हुआ खाना न खाएं इसकी जगह फल या हल्का भोजन लें।
- मन को शांत और तनाव-मुक्त रखने के लिए ध्यान करें।
- ग्रहण के समय घर की खिड़कियां और दरवाजे बंद रखें।
- गर्भवती महिलाओं को इस दौरान अकेले नहीं रहना चाहिए; परिवार का कोई सदस्य उनके साथ होना चाहिए।
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ग्रहण खत्म होने के बाद दान-पुण्य करना शुभ माना जाता है।
- गर्भवती महिलाएं चाहें तो ज़रूरतमंदों को कपड़े या भोजन दान कर सकती हैं।
- ग्रहण खत्म होने के बाद केवल ताज़ा और सात्विक भोजन ही करें।
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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)