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Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा के दिन किन नियमों का पालन करना चाहिए? जानें जरूरी बातें और महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Puja Rules: गोवर्धन पूजा के दिन किसी भी जीव को परेशान नहीं करना चाहिए। इस दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और अन्न का दान करना शुभ माना जाता है। 
 

Govardhan Puja
Govardhan Puja Rituals: हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व माना जाता है। यह पर्व हर साल कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाता है। दिवाली के अगले दिन मनाए जाने वाले इस त्योहार को अन्नकूट पर्व के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि गोवर्धन पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बनी रहती है। ऐसे में इस दिन कुछ विशेष नियमों का पालन करना शुभ माना जाता है।

गोवर्धन पूजा के दिन सुबह जल्दी उठना चाहिए। स्नान करने के बाद साफ और स्वच्छ कपड़े पहनने चाहिए। इसके बाद घर के मंदिर और पूजा स्थल की सफाई करनी चाहिए। धार्मिक मान्यता के अनुसार, पूजा-पाठ से पहले शरीर और घर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए। इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण का ध्यान करके पूजा का संकल्प लेना चाहिए।

गोबर से बनाएं गोवर्धन पर्वत

गोवर्धन पूजा के दिन गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाने की परंपरा है। इसे घर के आंगन या पूजा स्थल पर बनाया जाता है। इसके बाद फूल, अक्षत, रोली, दीपक और अन्य पूजन सामग्री से गोवर्धन पर्वत की पूजा की जाती है। कई स्थानों पर गोवर्धन पर्वत के साथ भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा भी स्थापित की जाती है। मान्यता है कि इससे भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और परिवार पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं।

श्रीकृष्ण को लगाएं अन्नकूट का भोग

गोवर्धन पूजा पर अन्नकूट का विशेष महत्व है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण को तरह-तरह के पकवान, मिठाइयां, फल और मौसमी सब्जियों से बने व्यंजनों का भोग लगाया जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण को अन्नकूट का भोग लगाने से घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती। भोग लगाते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि भोजन शुद्ध और सात्विक हो। इसके बाद प्रसाद परिवार के सदस्यों और जरूरतमंद लोगों में बांटना चाहिए।

गायों की पूजा करना न भूलें

गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा करने की भी विशेष परंपरा है। हिंदू धर्म में गाय को पूजनीय और माता का दर्जा दिया गया है। इस दिन गाय को स्नान कराकर उनके माथे पर तिलक लगाना चाहिए। इसके बाद फूलों की माला पहनाकर उन्हें हरा चारा, गुड़ और अन्य खाद्य सामग्री खिलानी चाहिए। मान्यता है कि गायों की सेवा करने से देवी-देवताओं का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करें

इस दिन गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा करना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, परिक्रमा करने से भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। जो लोग गोवर्धन पर्वत नहीं जा सकते, वे घर में बनाए गए गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा कर सकते हैं। परिक्रमा करते समय भगवान श्रीकृष्ण का नाम जपना चाहिए और मन में श्रद्धा रखनी चाहिए।

किन बातों का रखें ध्यान?

गोवर्धन पूजा के दिन किसी भी जीव को परेशान नहीं करना चाहिए। इस दिन जरूरतमंद लोगों की सहायता करना और अन्न का दान करना शुभ माना जाता है। पूजा के दौरान मन में किसी के प्रति द्वेष या बुरे विचार नहीं रखने चाहिए। साथ ही घर में सात्विक वातावरण बनाए रखना चाहिए और भगवान श्रीकृष्ण का भजन-कीर्तन करना चाहिए।

गोवर्धन पूजा का क्या है धार्मिक महत्व?

पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्रदेव के स्थान पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए प्रेरित किया था। इससे क्रोधित होकर इंद्रदेव ने ब्रज में मूसलाधार बारिश शुरू कर दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी ब्रजवासियों और उनके पशुओं की रक्षा की थी। इसी घटना की याद में गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। यह पर्व हमें प्रकृति, पशुओं और अन्न का सम्मान करने तथा भगवान के प्रति श्रद्धा रखने का संदेश देता है।

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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