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Govardhan Puja: गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा क्यों की जाती है? जानें धार्मिक कारण

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Religious Traditions: गोवर्धन पूजा हमें केवल भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का संदेश नहीं देती, बल्कि प्रकृति और सभी जीवों के प्रति प्रेम और करुणा रखने की सीख भी देती है।
 

Religious Traditions
Cow Worship Rituals: हिंदू धर्म में गोवर्धन पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। यह पर्व दीपावली के अगले दिन मनाया जाता है। इस दिन भगवान श्रीकृष्ण, गोवर्धन पर्वत और गायों की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और भगवान श्रीकृष्ण की विशेष कृपा प्राप्त होती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आखिर इस दिन गायों की पूजा क्यों की जाती है और इसके पीछे क्या धार्मिक कारण है? आइए जानते हैं।

हिंदू धर्म में गाय को माता का दर्जा दिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण का गायों से विशेष लगाव रहा है। धार्मिक ग्रंथों में उन्हें गोपाल और गोविंद जैसे नामों से जाना जाता है। गोपाल का अर्थ है गायों का पालन करने वाला और गोविंद का अर्थ है गायों की रक्षा करने वाला। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने अपना बचपन गोकुल और वृंदावन में गायों के बीच बिताया था। वह प्रतिदिन अपने सखाओं के साथ गायों को चराने जंगल जाते थे और बांसुरी बजाकर उन्हें अपने पास बुलाते थे। इसी कारण भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में गायों का विशेष स्थान माना जाता है।

गायों की पूजा की परंपरा

पौराणिक कथा के अनुसार, एक बार भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र देव की पूजा के स्थान पर गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने बताया कि गोवर्धन पर्वत, प्रकृति और गायें मनुष्य के जीवन के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। गायों से दूध, दही, घी जैसे पोषक पदार्थ प्राप्त होते हैं और उनका गोबर खेती तथा धार्मिक कार्यों में उपयोगी माना जाता है। 

इस बात से नाराज होकर इंद्र देव ने ब्रज में तेज बारिश शुरू कर दी। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर सभी ब्रजवासियों और गायों को उसके नीचे सुरक्षित स्थान दिया। सात दिनों तक भगवान ने सभी की रक्षा की। इसके बाद इंद्र देव को अपनी गलती का एहसास हुआ और उन्होंने श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी। इसी घटना की याद में गोवर्धन पूजा मनाई जाती है।

गायों में है 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गाय में 33 करोड़ देवी-देवताओं का वास माना जाता है। इसलिए गाय की सेवा और पूजा करना पुण्यदायी माना गया है। गोवर्धन पूजा के दिन गायों को स्नान कराया जाता है, उनके सींगों और माथे पर रंग लगाया जाता है तथा उन्हें फूलों की माला पहनाई जाती है। इसके बाद उनकी आरती उतारी जाती है और गुड़, हरा चारा तथा अन्य खाद्य पदार्थ खिलाए जाते हैं।

गायों की पूजा करने का महत्व?

मान्यता है कि गोवर्धन पूजा के दिन गायों की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और खुशहाली बनी रहती है। इससे भगवान श्रीकृष्ण प्रसन्न होते हैं और भक्तों पर अपनी कृपा बनाए रखते हैं। इस दिन गायों को भोजन कराना और उनकी सेवा करना भी शुभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टि से गाय की पूजा प्रकृति, जीवों और पशुधन के प्रति सम्मान प्रकट करने का प्रतीक है।

गायों की सेवा का लें संकल्प

गोवर्धन पूजा हमें केवल भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति का संदेश नहीं देती, बल्कि प्रकृति और सभी जीवों के प्रति प्रेम और करुणा रखने की सीख भी देती है। इस दिन गायों की पूजा के साथ उनकी देखभाल और सेवा करने का संकल्प लेना चाहिए। गायों को स्वच्छ भोजन और पानी देना तथा उन्हें सुरक्षित रखना भी सेवा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यही इस पर्व का वास्तविक संदेश माना जाता है।

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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