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Sawan Mantra: सावन में शिव पूजा के दौरान किन मंत्रों का करें जाप, कैसे पूरी होगी कामना? जानें नियम

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Sawan Puja Vidhi: सावन में केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि पूजा के साथ अच्छे आचरण का पालन करना भी जरूरी होता है। इस महीने जितना संभव हो, सत्य बोलें, क्रोध से बचें और किसी का अपमान न करें।
 

Sawan Puja
Sawan Shiv Puja Mantra: हिंदू धर्म में सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए सबसे पवित्र माना जाता है। मान्यता है कि इस पूरे महीने श्रद्धा और सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा करने से लोगों के जीवन की कई परेशानियां दूर होती हैं और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। सावन में सोमवार का विशेष महत्व होता है। इस दिन भक्त व्रत रखकर शिवलिंग का जलाभिषेक करते हैं, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और फल अर्पित करते हैं। माना जाता है कि भगवान शिव अपने भक्तों की सच्ची भक्ति से प्रसन्न होकर उन्हें सुख, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य प्रदान करते हैं।

सावन में भगवान शिव की पूजा के समय सबसे अधिक प्रचलित और प्रभावशाली मंत्र "ॐ नमः शिवाय" माना जाता है। यह पंचाक्षरी मंत्र भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है। इस मंत्र का नियमित जाप करने से मन शांत होता है, नकारात्मक विचार दूर होते हैं और आत्मविश्वास बढ़ता है। यदि कोई व्यक्ति प्रतिदिन 108 बार इस मंत्र का जाप करता है, तो उसे आध्यात्मिक और मानसिक शांति का अनुभव होता है।

इसके अलावा महामृत्युंजय मंत्र का जाप भी सावन में बहुत शुभ माना गया है। इस मंत्र का संबंध स्वास्थ्य, लंबी आयु और संकटों से रक्षा से जोड़ा जाता है। श्रद्धा और विश्वास के साथ इस मंत्र का जाप करने से जीवन में आने वाली कठिनाइयों को दूर करने की शक्ति मिलती है और भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है।
 
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कैसे करें भगवान शिव की पूजा?

सावन में सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद साफ और हल्के रंग के वस्त्र पहनें। इसके बाद पूजा स्थल या मंदिर में भगवान शिव का ध्यान करें। शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल और यदि संभव हो तो गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद दूध, दही, शहद, घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक किया जा सकता है। फिर बेलपत्र, सफेद फूल, धतूरा, आक के फूल और मौसमी फल अर्पित करें। पूजा के दौरान दीपक और धूप जलाकर भगवान शिव की आरती करें तथा श्रद्धा के साथ मंत्रों का जाप करें। अंत में अपनी मनोकामना भगवान शिव के सामने विनम्र भाव से व्यक्त करें।

किन नियमों का रखें ध्यान?

सावन में केवल पूजा करना ही पर्याप्त नहीं माना जाता, बल्कि पूजा के साथ अच्छे आचरण का पालन करना भी जरूरी होता है। इस महीने जितना संभव हो, सत्य बोलें, क्रोध से बचें और किसी का अपमान न करें। सात्विक भोजन ग्रहण करें और मांस, मदिरा तथा तामसिक भोजन से दूरी बनाए रखें। यदि व्रत रखते हैं तो अपनी क्षमता के अनुसार ही रखें और पूरे दिन भगवान शिव का स्मरण करते रहें। पूजा के समय मन को शांत रखें और किसी प्रकार की जल्दबाजी न करें। माना जाता है कि निष्कपट मन और सच्ची श्रद्धा से की गई पूजा भगवान शिव को शीघ्र प्रसन्न करती है।
 
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सावन में शिव मंत्र जाप का महत्व

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सावन में मंत्र जाप करने से मन और आत्मा दोनों को सकारात्मक ऊर्जा मिलती है। नियमित रूप से "ॐ नमः शिवाय" और महामृत्युंजय मंत्र का जाप करने से मानसिक तनाव कम होता है, आत्मबल बढ़ता है और व्यक्ति का ध्यान ईश्वर की ओर केंद्रित होता है। भक्तों का विश्वास है कि भगवान शिव की कृपा से जीवन में सुख, शांति, सफलता और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है। इसलिए सावन के पूरे महीने श्रद्धा, विश्वास और नियमपूर्वक भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व बताया गया है।

महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक करें जाप 

सावन का महीना भगवान शिव की भक्ति, साधना और आत्मिक शुद्धि का पर्व माना जाता है। इस दौरान विधि-विधान से पूजा करना, "ॐ नमः शिवाय" और महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना तथा सात्विक जीवनशैली अपनाना अत्यंत शुभ माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जो भक्त सच्चे मन, विश्वास और पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं, उन पर भोलेनाथ की कृपा बनी रहती है और उनकी उचित मनोकामनाएं पूर्ण होने का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

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