Mahashivaratri Puja: महाशिवरात्रि का यह महापर्व काशी में शिव-भक्ति, प्रशासनिक तत्परता और सामाजिक समन्वय का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करेगा, जहां आस्था और व्यवस्था दोनों का सुंदर संगम देखने को मिलेगा।
Baba Vishwanath Jhanki Darshan: महाशिवरात्रि की पावन रात्रि काशी के लिए केवल एक पर्व नहीं, बल्कि चेतना, आस्था और शिवत्व के साक्षात् अनुभव का अवसर होती है। इस दिव्य अवसर पर जब संपूर्ण काशी ‘हर-हर महादेव’ और ‘निद्रा-विनाशाय रुद्राय, नमः शिवाय’ के गगनभेदी उद्घोष से गूंज उठेगी, तब देवाधिदेव महादेव अपने भक्तों पर विशेष कृपा बरसाएंगे। महाशिवरात्रि की इस अलौकिक रात्रि में बाबा विश्वनाथ शयन नहीं करेंगे, बल्कि निरंतर भक्तों को अपने साक्षात् दर्शन देकर उन्हें कृतार्थ करेंगे।
इस वर्ष महाशिवरात्रि के अवसर पर श्रीकाशी विश्वनाथ धाम में एक दुर्लभ और ऐतिहासिक संयोग बन रहा है। मंदिर न्यास द्वारा घोषित कार्यक्रम के अनुसार, बाबा विश्वनाथ के दर्शन लगातार 45 घंटे 45 मिनट तक निर्बाध रूप से चलते रहेंगे। इस अवधि में शयन आरती नहीं होगी, जबकि परंपरानुसार चारों प्रहर की आरतियां पूरे विधि-विधान के साथ संपन्न की जाएंगी। आरतियों के साथ-साथ बाबा की भव्य झांकियों का दर्शन भी भक्तों को प्राप्त होगा, जो इस महापर्व को और भी दिव्य और अविस्मरणीय बना देगा।
सवा दो घंटे का होगा विश्राम
लगातार दर्शन की इस लंबी अवधि के पश्चात बाबा को लगभग सवा दो घंटे का विश्राम दिया जाएगा। इसके उपरांत पुनः उन्हें जगाया जाएगा और फिर 22 घंटे तक निरंतर दर्शन की व्यवस्था रहेगी। यह संयोग भक्तों के लिए आस्था, श्रद्धा और शिव-कृपा का अद्भुत संगम होगा, जिसकी अनुभूति जीवनभर स्मृतियों में संजोकर रखी जाएगी।
महाशिवरात्रि के मद्देनजर 14 फरवरी से 17 फरवरी तक स्पर्श दर्शन बंद रहेंगे। मंदिर प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा कारणों से इस दौरान किसी भी श्रद्धालु को स्पर्श दर्शन की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसके साथ ही मंदिर क्षेत्र में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था महाकुंभ के पलट प्रवाह की तर्ज पर लागू की जाएगी, जिससे श्रद्धालुओं को सुगम और सुरक्षित दर्शन मिल सकें।
मंगला आरती और विस्तृत कार्यक्रम
महाशिवरात्रि के दिन मंगला आरती का विशेष महत्व होता है। मंगला आरती की पूजा प्रातः 02:15 बजे प्रारंभ होगी और 03:15 बजे संपन्न की जाएगी। इसके पश्चात 03:30 बजे से श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे। इसी प्रकार मध्याह्न भोग आरती के अंतर्गत प्रातः 11:40 बजे पूजा प्रारंभ होकर दोपहर 12:20 बजे संपन्न होगी।
महाशिवरात्रि की रात्रि में चारों प्रहर की आरतियां पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न होंगी।
प्रथम प्रहर में रात 09:30 बजे शंखनाद और पूजा की तैयारी होगी तथा 10:00 बजे से 12:30 बजे तक आरती और दर्शन होंगे।
द्वितीय प्रहर की आरती रात 01:30 बजे से 02:30 बजे तक संपन्न होगी।
तृतीय प्रहर में भोर 03:30 बजे से 04:30 बजे तक आरती और झांकी दर्शन होंगे।
चतुर्थ प्रहर की आरती भोर 05:00 बजे से 06:15 बजे तक चलेगी।
चारों प्रहरों के दौरान श्रद्धालुओं के लिए झांकी दर्शन निरंतर जारी रहेगा, जिससे भक्त शिव के विविध रूपों का दर्शन कर सकेंगे।
माता वैष्णो देवी की ओर से बाबा को दिव्य उपहार
महाशिवरात्रि के इस पावन अवसर पर एक विशेष आध्यात्मिक पहल भी देखने को मिली है। श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से बाबा काशी विश्वनाथ को पावन उपहार एवं प्रसाद अर्पित किया गया है। यह उपहार 7 फरवरी को बाबा के दरबार में पहुंचा। काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विश्वभूषण मिश्रा ने बताया कि मंदिर न्यास ने इस पवित्र भेंट के लिए श्राइन बोर्ड के प्रति आभार व्यक्त किया है। माता वैष्णो देवी, जो शक्ति स्वरूपा हैं, द्वारा भगवान विश्वनाथ को अर्पित यह उपहार शक्ति और शिव के शाश्वत संबंध का सजीव प्रतीक माना जा रहा है। यह आध्यात्मिक नवाचार महाशिवरात्रि पर्व की गरिमा को और अधिक ऊंचाई प्रदान करेगा।
सुरक्षा के मद्देनजर सख्त प्रतिबंध
सुरक्षा और व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए महाशिवरात्रि पर्व के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर में कई वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। मोबाइल फोन, पेन, बैग, डिजिटल घड़ी, तंबाकू, पॉलिथीन, प्लास्टिक की बोतल सहित अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं लेकर किसी भी श्रद्धालु को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। मंदिर न्यास ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे जारी दिशा-निर्देशों का पूर्ण पालन करें और प्रशासन का सहयोग करें। मंदिर प्रशासन ने यह भी अपील की है कि श्रद्धालु खाली पेट दर्शन के लिए न आएं और विशेष या स्पर्श दर्शन के लिए अनुरोध न करें, क्योंकि महाशिवरात्रि के अवसर पर यह संभव नहीं होगा।
हेल्पडेस्क, स्वास्थ्य और अन्य विभाग रहेंगे अलर्ट
प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हेल्पडेस्क और स्वास्थ्य टीमों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं। धाम परिसर में शुद्ध पेयजल, ग्लूकोज, ओआरएस और गुड़ की व्यवस्था की जाएगी। मेडिकल हेल्पडेस्क की भी समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग, प्रमुख स्थानों पर खोया-पाया केंद्र, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था और पब्लिक एड्रेस सिस्टम स्थापित किए जाएंगे। नगर निगम को बंदरों और आवारा पशुओं के नियंत्रण के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।
विद्युत विभाग को धाम और उसके आसपास स्थित सभी विद्युत खंभों की टेपिंग सुनिश्चित करने और विद्युत सुरक्षा ऑडिट पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। अग्निशमन विभाग को अग्नि सुरक्षा की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि खाद्य सुरक्षा विभाग को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सतर्क किया गया है।
प्रशासनिक बैठक और सुरक्षा व्यवस्था
शनिवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के बोर्ड रूम में मंडलायुक्त एस. राजलिंगम की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। इसमें पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, मंदिर सीईओ विश्वभूषण मिश्रा सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक के बाद अधिकारियों ने मंदिर परिसर का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं की समीक्षा की।
पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने बताया कि महाशिवरात्रि के अवसर पर सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था महाकुंभ पलट प्रवाह की तर्ज पर रहेगी। पुलिस, पीएसी और अर्धसैनिक बलों की पर्याप्त तैनाती की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर रूफटॉप ड्यूटी लगाई जाएगी और सीसीटीवी कैमरों व ड्रोन के माध्यम से निरंतर निगरानी होगी। महिला श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी। होल्डिंग एरिया, प्रवेश और निकास मार्ग पूर्वनिर्धारित रहेंगे। मंदिर प्रवेश द्वारों पर प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची प्रदर्शित की जाएगी और जगह-जगह बैगेज काउंटर बनाए जाएंगे।
विशेष ट्रैफिक प्लान
महाशिवरात्रि के अवसर पर वन-वे और नो-व्हीकल जोन लागू किया जाएगा। बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही रोका जाएगा। अनधिकृत पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। मार्गों पर मजबूत बैरिकेडिंग और आवश्यकतानुसार बैरियर लगाए जाएंगे। इसके अतिरिक्त फायर ब्रिगेड, डॉग स्क्वाड और एंबुलेंस टीमों को अलर्ट मोड में रखा जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा और मार्गदर्शन के लिए पीए सिस्टम के माध्यम से निरंतर उद्घोषणा की जाएगी। पुलिसकर्मियों को दर्शनार्थियों के प्रति विनम्र, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार रखने के निर्देश दिए गए हैं।