facebook pixel
विज्ञापन
Home  dharm  festivals  krishna janmashtami par aise kare laddu gopal ka abhishek janiye kin cheejon se snan karana hota hai shubh

Janmashtami: जन्माष्टमी पर ऐसे करें लड्डू गोपाल का अभिषेक, जानें किन चीजों से स्नान कराना माना जाता है शुभ

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Krishna Janmashtami: पंचामृत में इस्तेमाल होने वाले दही से भी लड्डू गोपाल का अभिषेक किया जाता है। धार्मिक परंपराओं में दही का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से भी जोड़ा जाता है।

Janmashtami
Krishna Janmashtami: जन्माष्टमी के दिन भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी लड्डू गोपाल की पूजा का विशेष महत्व माना जाता है। इस दिन भक्त आधी रात को श्रीकृष्ण के जन्म के समय उनका अभिषेक करते हैं और नए वस्त्र पहनाकर उनका श्रृंगार करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, लड्डू गोपाल का पंचामृत और अन्य पवित्र चीजों से स्नान कराने से पूजा पूर्ण मानी जाती है। लेकिन क्या आपको पता है कि जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल का अभिषेक किस तरह करना चाहिए और किन चीजों से स्नान कराना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के अभिषेक की संपूर्ण विधि और धार्मिक महत्व...

जन्माष्टमी पर अभिषेक का महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जन्माष्टमी की रात भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय लड्डू गोपाल का अभिषेक करना विशेष फलदायी माना जाता है। जिस तरह मंदिरों में भगवान के विग्रह का विधिपूर्वक स्नान कराया जाता है, उसी तरह घर में भी भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार बाल गोपाल का अभिषेक करते हैं। अभिषेक के बाद भगवान को साफ वस्त्र पहनाए जाते हैं। इसके बाद उनका श्रृंगार कर उन्हें माखन-मिश्री, धनिया पंजीरी, फल और अन्य प्रिय भोग अर्पित किए जाते हैं।

सबसे पहले जल से स्नान

अभिषेक की शुरुआत सामान्य रूप से स्वच्छ जल से की जा सकती है। इसके लिए साफ पात्र में जल लेकर भगवान लड्डू गोपाल को स्नान कराया जाता है। यदि संभव हो तो पूजा में इस्तेमाल होने वाला जल स्वच्छ और शुद्ध होना चाहिए। जल से स्नान कराने के बाद पंचामृत से अभिषेक किया जाता है। अभिषेक के दौरान भक्त भगवान श्रीकृष्ण का स्मरण करते हुए उनके मंत्रों का जाप कर सकते हैं।

 

Janmashtami

पंचामृत से करें अभिषेक

जन्माष्टमी पर लड्डू गोपाल के अभिषेक में पंचामृत का विशेष महत्व माना जाता है। पंचामृत पांच चीजों से मिलकर बनाया जाता है, जिसमें दूध, दही, घी, शहद और शक्कर शामिल होती है। इन पांचों चीजों को मिलाकर पंचामृत तैयार किया जाता है और इसी से भगवान का अभिषेक किया जाता है। धार्मिक मान्यता में पंचामृत को पवित्र माना गया है और भगवान के अभिषेक में इसका उपयोग लंबे समय से किया जाता रहा है।

दूध से स्नान

लड्डू गोपाल का दूध से अभिषेक करना भी पूजा का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। दूध को सात्विक और पवित्र माना जाता है। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप को दूध अर्पित करते हुए भक्त उनकी कृपा की कामना करते हैं। दूध से अभिषेक करने के बाद भगवान को दोबारा स्वच्छ जल से स्नान कराना चाहिए, ताकि अभिषेक की सामग्री अच्छी तरह साफ हो जाए।

दही से करें अभिषेक

पंचामृत में इस्तेमाल होने वाले दही से भी लड्डू गोपाल का अभिषेक किया जाता है। धार्मिक परंपराओं में दही का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं से भी जोड़ा जाता है। श्रीकृष्ण को माखन और दही बेहद प्रिय माना जाता है, इसलिए जन्माष्टमी की पूजा में इनका विशेष स्थान रहता है।

 

Janmashtami

घी और शहद का उपयोग

लड्डू गोपाल के पंचामृत अभिषेक में घी और शहद भी शामिल किए जाते हैं। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार इनसे भगवान का अभिषेक कर सकते हैं। इसके बाद साफ जल से भगवान को स्नान कराया जाता है। ध्यान रखें कि अभिषेक के लिए इस्तेमाल की जाने वाली सामग्री ताजी और स्वच्छ होनी चाहिए। बहुत अधिक मात्रा में सामग्री इस्तेमाल करने की आवश्यकता नहीं होती।

गंगाजल से करें अंतिम स्नान

पंचामृत अभिषेक के बाद लड्डू गोपाल को स्वच्छ जल से स्नान कराया जाता है। इसके बाद गंगाजल की कुछ बूंदें जल में मिलाकर भगवान का अंतिम स्नान कराया जा सकता है। धार्मिक मान्यता में गंगाजल को अत्यंत पवित्र माना गया है। यदि घर में गंगाजल उपलब्ध है तो इसकी कुछ बूंदें स्नान के जल में मिलाना पर्याप्त माना जाता है। इसके बाद भगवान को साफ कपड़े या वस्त्र से हल्के हाथों से पोंछकर नए वस्त्र पहनाए जाते हैं।

अभिषेक के बाद ऐसे करें श्रृंगार

स्नान के बाद लड्डू गोपाल को नए वस्त्र पहनाए जाते हैं। इसके बाद उन्हें मुकुट, बांसुरी, माला और अन्य आभूषणों से सजाया जाता है। भगवान के मस्तक पर चंदन या तिलक लगाया जा सकता है। श्रृंगार के बाद बाल गोपाल को आसन पर विराजमान करके धूप, दीप और फूल अर्पित किए जाते हैं। इसके बाद जन्माष्टमी की पूजा और आरती की जाती है।

इन बातों का रखें ध्यान

लड्डू गोपाल का अभिषेक करते समय साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। पूजा में इस्तेमाल होने वाले सभी पात्र और सामग्री स्वच्छ होनी चाहिए। यदि भगवान की प्रतिमा धातु की है तो सामान्य रूप से अभिषेक किया जा सकता है, लेकिन ऐसी सामग्री का इस्तेमाल न करें जिससे प्रतिमा को नुकसान पहुंचने की आशंका हो। अभिषेक के दौरान भगवान श्रीकृष्ण के नाम का जाप करना और जन्माष्टमी की पूजा विधि के अनुसार पूजा करना शुभ माना जाता है। अभिषेक के बाद पंचामृत को प्रसाद के रूप में ग्रहण किया जा सकता है।


यह भी पढ़ें-

Krishna Janmashtami: कृष्ण जन्माष्टमी पर इस विधि से करें पूजा, भगवान कृष्ण की कृपा से दूर होंगे कष्ट 

Krishna Janmashtami: देवकी के आठवें पुत्र के रूप में ही क्यों जन्मे भगवान श्रीकृष्ण? जानें पौराणिक कथा 

Krishna Janmashtami 2026: जन्माष्टमी पर भगवान कृष्ण को क्यों लगाए जाते हैं 56 भोग? जानिए

(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।) 

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel