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Diwali 2026: दिवाली पर तुलसी के पास दीपक जलाना क्यों माना जाता है शुभ? जानें पूजा का महत्व

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Diwali 2026: दिवाली की शाम तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक की रोशनी को अंधकार दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।

Diwali 2026
Diwali 2026: दिवाली का त्योहार मां लक्ष्मी के स्वागत और सुख-समृद्धि की कामना का पर्व माना जाता है। इस दिन घर के मुख्य द्वार से लेकर आंगन और मंदिर तक दीपक जलाए जाते हैं। वहीं, कई घरों में तुलसी के पौधे के पास भी विशेष रूप से दीपक जलाने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी को माता लक्ष्मी का ही स्वरूप माना जाता है और उनके पास दीपक जलाने से घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि का वास होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि दिवाली की रात तुलसी के पास दीपक जलाने की परंपरा क्यों निभाई जाती है और इसका मां लक्ष्मी की पूजा से क्या संबंध है? आइए जानते हैं इसका धार्मिक महत्व और पूजा से जुड़ी मान्यताएं।

तुलसी को क्यों माना जाता है पवित्र?

हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को अत्यंत पवित्र और पूजनीय माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तुलसी में मां लक्ष्मी का वास होता है। इन्हें माता लक्ष्मी का स्वरूप और भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है। यही वजह है कि घरों में तुलसी का पौधा लगाकर नियमित रूप से उनकी पूजा की जाती है। मान्यता है कि जिस घर में तुलसी की नियमित पूजा होती है, वहां सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है। दिवाली जैसे विशेष पर्व पर तुलसी पूजन का महत्व और भी बढ़ जाता है।

दिवाली पर तुलसी के पास दीपक क्यों जलाते हैं?

दिवाली की शाम तुलसी के पास दीपक जलाना शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपक की रोशनी को अंधकार दूर करने और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। तुलसी के पास दीपक जलाकर लोग परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगल की कामना करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार के सदस्यों के जीवन से नकारात्मकता दूर होती है। इसके अलावा तुलसी को भगवान विष्णु की प्रिय माना जाता है, इसलिए उनके पास दीपक जलाना भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी दोनों की कृपा प्राप्त करने का माध्यम भी माना जाता है।

मां लक्ष्मी की पूजा से क्या है संबंध?

दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है। इस दिन तुलसी के पास दीपक जलाने का संबंध भी मां लक्ष्मी की आराधना से जुड़ा हुआ है। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी माता की पूजा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं। वहीं, तुलसी भगवान विष्णु को भी प्रिय हैं। चूंकि मां लक्ष्मी भगवान विष्णु की अर्धांगिनी हैं, इसलिए तुलसी पूजन को विशेष फलदायी माना जाता है। यही कारण है कि दिवाली पर लक्ष्मी-गणेश पूजन के साथ कई परिवारों में तुलसी के पास भी दीपक जलाया जाता है।

तुलसी के पास कैसे जलाएं दीपक?

दिवाली के दिन शाम के समय घर की साफ-सफाई करने और पूजा की तैयारी के बाद तुलसी के पौधे के पास दीपक जलाया जाता है। इसके लिए सबसे पहले तुलसी के आसपास की जगह को साफ कर लें। इसके बाद घी या तिल के तेल का दीपक जलाकर तुलसी के पास रख दें। दीपक जलाते समय तुलसी माता को प्रणाम करें और परिवार की सुख-शांति के लिए प्रार्थना करें। इसके साथ ही तुलसी माता की परिक्रमा करने की भी परंपरा है। हालांकि, दीपक रखते समय ध्यान रखें कि उसकी लौ या गर्मी से तुलसी के पौधे को नुकसान न पहुंचे।

तुलसी के पास दीपक जलाने से जुड़ी मान्यता

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दिवाली की रात तुलसी के पास दीपक जलाने से घर में सुख-समृद्धि आती है और परिवार पर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है। इसे परिवार की खुशहाली, शांति और मंगल की कामना से जुड़ी परंपरा माना जाता है। यही वजह है कि दिवाली के दिन मां लक्ष्मी की पूजा के साथ तुलसी माता के सामने भी दीप प्रज्वलित किया जाता है।

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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