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Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र अचानक टूट जाए तो क्या करें? जानें धार्मिक मान्यता

जीवांजलि, धर्म डेस्कPublished by:
Shakshi
सार

Anant Chaturdashi 2026: अनंत सूत्र का अचानक टूट जाना अपने आप में किसी निश्चित अनिष्ट या अनहोनी का संकेत माना जाए, ऐसी कोई सार्वभौमिक धार्मिक मान्यता नहीं है।

Anant Chaturdashi 2026
Anant Chaturdashi 2026: अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने के बाद हाथ में अनंत सूत्र बांधने की परंपरा है। मान्यता है कि यह सूत्र भगवान विष्णु के अनंत रूप का प्रतीक होता है और इसे श्रद्धा के साथ धारण करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। अनंत सूत्र में 14 गांठें लगाई जाती हैं, जिन्हें भगवान विष्णु के 14 लोकों से जोड़कर देखा जाता है। कई लोग इसे पूरे विधि-विधान के साथ बांधते हैं और लंबे समय तक इसे हाथ में धारण किए रखते हैं।

लेकिन कई बार अनंत सूत्र अचानक टूट जाता है। ऐसे में इसे लेकर मन में तरह-तरह के सवाल आने लगते हैं। कुछ लोगों को चिंता होती है कि कहीं यह किसी अशुभ संकेत का प्रतीक तो नहीं है। क्या अनंत सूत्र के टूटने पर पूजा में कोई गलती मानी जाती है? क्या इसे दोबारा बांधा जा सकता है? क्या इसके लिए कोई विशेष पूजा करनी चाहिए? आइए जानते हैं धार्मिक मान्यता के अनुसार अनंत सूत्र के अचानक टूट जाने पर क्या करना चाहिए।

अनंत सूत्र क्यों बांधा जाता है?

अनंत चतुर्दशी पर भगवान विष्णु की पूजा के बाद अनंत सूत्र धारण करने की परंपरा है। यह सूत्र आमतौर पर कच्चे धागे से बनाया जाता है और इसमें 14 गांठें लगाई जाती हैं। पूजा के दौरान भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप का ध्यान करके इसे विधिपूर्वक बांधा जाता है। धार्मिक मान्यता में अनंत सूत्र को भगवान विष्णु की कृपा और रक्षा से जुड़ा माना गया है। पुरुष इसे सामान्यतः दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में धारण करती हैं। इसे धारण करते समय भगवान विष्णु से सुख, समृद्धि और परिवार की मंगल-कामना की जाती है।

सूत्र अचानक टूट जाए तो क्या माना जाता है?

अनंत सूत्र का अचानक टूट जाना अपने आप में किसी निश्चित अनिष्ट या अनहोनी का संकेत माना जाए, ऐसी कोई सार्वभौमिक धार्मिक मान्यता नहीं है। धागा होने के कारण लंबे समय तक हाथ में रहने पर उसका कमजोर होना, पानी लगना, कपड़ों में उलझना या काम करते समय खिंच जाना स्वाभाविक है, इसलिए अगर अनंत सूत्र बिना किसी विशेष कारण के टूट जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है। इसे भगवान विष्णु की पूजा में हुई किसी गलती का निश्चित संकेत भी नहीं माना जाता। धार्मिक परंपरा में भाव और श्रद्धा को विशेष महत्व दिया जाता है।

टूटे हुए सूत्र का क्या करें?

अगर अनंत सूत्र टूट गया है, तो उसे इधर-उधर फेंकना उचित नहीं माना जाता। श्रद्धा के साथ टूटे हुए सूत्र को किसी साफ स्थान पर रख सकते हैं। कई धार्मिक परंपराओं में पूजा में इस्तेमाल किए गए धागे या अन्य पूजन सामग्री को सम्मानपूर्वक रखने या जल में प्रवाहित करने की बात कही जाती है। हालांकि, नदी या किसी प्राकृतिक जलस्रोत में सामग्री डालने की परंपरा हर स्थान पर एक जैसी नहीं है। इसलिए अपने परिवार की परंपरा या स्थानीय धार्मिक रीति के अनुसार ही इसका पालन करना उचित माना जाता है।

क्या नया अनंत सूत्र बांध सकते हैं?

यदि अनंत सूत्र टूट गया है और व्यक्ति इसे दोबारा धारण करना चाहता है, तो नया सूत्र लेकर भगवान विष्णु की पूजा के बाद उसे बांधा जा सकता है। इसके लिए भगवान विष्णु के सामने दीपक जलाकर श्रद्धापूर्वक प्रार्थना की जा सकती है और फिर नया अनंत सूत्र धारण किया जा सकता है। यदि घर में अनंत चतुर्दशी की पूजा की विधि पूरी हो चुकी हो, तब भी नया सूत्र बांधने को लेकर अलग-अलग परिवारों में अलग परंपराएं हो सकती हैं। ऐसे में घर की परंपरा के अनुसार पूजा करके नया सूत्र धारण किया जा सकता है।

क्या टूटे सूत्र को दोबारा बांधना चाहिए?

टूटे हुए उसी सूत्र को जोड़कर दोबारा हाथ में बांधने के बजाय नया अनंत सूत्र धारण करना अधिक उचित माना जाता है। यदि सूत्र पूजा के दौरान या पूजा के तुरंत बाद टूट जाए, तो नया कच्चा धागा लेकर भगवान विष्णु का स्मरण करते हुए उसे विधि के अनुसार बांधा जा सकता है।

अगर सूत्र कुछ दिनों बाद टूटे तो?

अगर अनंत सूत्र अनंत चतुर्दशी के कई दिन बाद टूटता है, तो इसे लेकर विशेष रूप से परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। रोजमर्रा के कामों के दौरान धागे का घिस जाना या टूट जाना सामान्य बात है। धार्मिक दृष्टि से इसे देखकर किसी अनहोनी की आशंका करना जरूरी नहीं है। ऐसी स्थिति में टूटे हुए सूत्र को सम्मानपूर्वक अलग रखकर परिवार की परंपरा के अनुसार उसका निस्तारण किया जा सकता है। दोबारा अनंत सूत्र धारण करना हो तो भगवान विष्णु का स्मरण करके नया सूत्र बांधा जा सकता है।

अनंत सूत्र बांधते समय रखें ध्यान

अनंत सूत्र को हमेशा पूजा के बाद श्रद्धा और स्वच्छता के साथ धारण करना चाहिए। इसे बांधते समय भगवान विष्णु का ध्यान करें और परिवार की सुख-शांति की प्रार्थना करें। सूत्र को बहुत अधिक कसकर बांधने से बचना चाहिए, ताकि हाथ में परेशानी न हो। अनंत चतुर्दशी के दिन धारण किया गया सूत्र केवल एक धागा नहीं, बल्कि धार्मिक आस्था और भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप से जुड़ी परंपरा के रूप में देखा जाता है, इसलिए इसके टूट जाने पर डरने या किसी अनिष्ट की आशंका करने के बजाय श्रद्धा के साथ उचित धार्मिक विधि अपनाना ही परंपरा के अनुरूप माना जाता है।


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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

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