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February Vrat Tyohar 2025: वसंत पंचमी से शुरू होगा फरवरी, जानें पूरे माह के व्रत-त्योहार

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

February Vrat Tyohar 2025 List: फरवरी माह की शुरुआत बहुत ही शुभ व्रत से होती है। इस वर्ष महाकुंभ भी फरवरी के अंत तक रहेगा। इसलिए इस माह में आने वाले व्रत और त्योहारों का महत्व दोगुना हो गया है, क्योंकि महाकुंभ का अमृत स्नान फरवरी में विशेष तिथियों पर किया जाएगा।

February Vrat Tyohar 2025
February Vrat Tyohar 2025 List: फरवरी माह की शुरुआत बहुत ही शुभ व्रत से होती है। इस वर्ष महाकुंभ भी फरवरी के अंत तक रहेगा। इसलिए इस माह में आने वाले व्रत और त्योहारों का महत्व दोगुना हो गया है, क्योंकि महाकुंभ का अमृत स्नान फरवरी में विशेष तिथियों पर किया जाएगा।

फरवरी माह में बसंत ऋतु की शुरुआत होती है। खेतों में सरसों की फसलें लहलहाती हैं। पेड़-पौधों में नई कोपलें फूटती हैं। प्रकृति खेतों को पीले-सुनहरे रंगों से सजाती है। व्रत और त्योहारों की बात करें तो फरवरी में बसंत पंचमी, महाशिवरात्रि, माघ पूर्णिमा, जया-विजया एकादशी आएंगी।

फरवरी व्रत त्यौहार 2025 सूची

1 फरवरी 2025- विनायक चतुर्थी
2 फरवरी 2025- बसंत पंचमी
4 फरवरी 2025-नर्मदा जयंती
8 फरवरी 2025 - जया एकादशी
9 फरवरी 2025- प्रदोष व्रत
12 फरवरी 2025- माघ पूर्णिमा व्रत, कुंभ संक्रांति और गुरु रविदास जयंती है
13 फरवरी 2025- फाल्गुन मास प्रारंभ
16 फरवरी 2025- द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी
20 फरवरी 2025- शबरी जयंती
21 फरवरी 2025- जानकी जयंती
24 फरवरी 2025- विजया एकादशी
25 फरवरी 2025- प्रदोष व्रत
26 फरवरी 2025-महाशिवरात्रि
27 फरवरी 2025- फाल्गुन अमावस्या

बसंत पंचमी - चालू इस दिन मां सरस्वती का प्रकटोत्सव मनाया जाता है। यह दिन बच्चों के विद्यारंभ संस्कार के लिए महत्वपूर्ण होता है। बसंत पंचमी पर अबूझ मुहूर्त होने के कारण विवाह के लिए इस दिन का विशेष महत्व होता है। बसंत पंचमी के दिन नया प्रतिष्ठान, शिक्षण संस्थान शुरू करना, भूमि पूजन, मुंडन, गृह प्रवेश करना भी शुभ और मंगलकारी होता है। इस दिन महाकुंभ का तीसरा अमृत स्नान किया जाएगा। 

महाशिवरात्रि - फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है, कहा जाता है कि इसी तिथि पर भगवान शिव रात्रि में अग्नि स्तंभ के रूप में ब्रह्मा जी और विष्णु जी के सामने प्रकट हुए थे। उस समय आकाशवाणी हुई कि जो भक्त इस रात्रि में जागकर मेरे लिंग रूप की पूजा करेगा, उसे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होगी।

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