facebook pixel
विज्ञापन
Home›  dharm›  diwali ki puja mein kaudi kamal aur batashe kyun hain zaroori janiye dharmik mahatva

Diwali Puja: दिवाली की पूजा में कौड़ी, कमल और बताशे का क्यों है जरूरी? जानिए धार्मिक महत्व

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
नीरज के. पटेल
सार

Diwali Puja Samagri: दिवाली की पूजा में कौड़ी, कमल और बताशे शामिल करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि इनके पीछे गहरी धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। 
 

Diwali Puja Samagri
Diwali Traditions: दिवाली का त्योहार हिंदू धर्म में बेहद खास माना जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। मान्यता है कि दिवाली की रात विधि-विधान से पूजा करने पर घर में सुख-समृद्धि, खुशहाली और सकारात्मकता का वास होता है। दिवाली की पूजा में दीपक, फूल, मिठाई और फल के साथ कुछ ऐसी चीजें भी शामिल की जाती हैं, जिन्हें विशेष रूप से शुभ माना जाता है। इनमें कौड़ी, कमल का फूल और बताशे का खास महत्व है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इन तीनों चीजों का संबंध मां लक्ष्मी की कृपा और धन-धान्य से जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं दिवाली की पूजा में इनका महत्व क्या है।

पूजा में कौड़ी क्यों है शुभ?

दिवाली की पूजा में कौड़ी रखना बेहद शुभ माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कौड़ी का संबंध मां लक्ष्मी से माना जाता है। समुद्र से प्राप्त होने के कारण इसे समुद्र मंथन और मां लक्ष्मी के प्राकट्य से भी जोड़कर देखा जाता है। पौराणिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी समुद्र मंथन के दौरान प्रकट हुई थीं, इसलिए समुद्र से मिलने वाली वस्तुओं को उनकी पूजा में विशेष स्थान दिया जाता है।

कौड़ी को धन और समृद्धि का प्रतीक भी माना जाता है। दिवाली की पूजा में पीली कौड़ियां मां लक्ष्मी के सामने रखी जाती हैं। पूजा के बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रखने की परंपरा है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में बरकत बनी रहती है और आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं। हालांकि, यह धार्मिक आस्था से जुड़ी मान्यता है।

मां लक्ष्मी को प्रिय है कमल का फूल

कमल का फूल मां लक्ष्मी का सबसे प्रिय फूल माना जाता है। धार्मिक चित्रों और प्रतिमाओं में भी मां लक्ष्मी को कमल के आसन पर विराजमान दिखाया जाता है। कमल का फूल पवित्रता, सुंदरता, शांति और समृद्धि का प्रतीक है। इसकी एक खास बात यह है कि कीचड़ में खिलने के बाद भी यह अपनी सुंदरता और पवित्रता बनाए रखता है।

इसी वजह से कमल का फूल जीवन में सकारात्मकता और अच्छे गुणों का प्रतीक माना जाता है। दिवाली की पूजा में मां लक्ष्मी को कमल का फूल अर्पित करने से उनका आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है। पूजा के दौरान ताजा और साफ कमल का फूल चढ़ाना शुभ माना जाता है। इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की जाती है।

पूजा में बताशे क्यों चढ़ाए जाते हैं?

दिवाली की पूजा में बताशे चढ़ाने की भी पुरानी परंपरा है। बताशे चीनी से तैयार किए जाते हैं और इन्हें मिठास, सरलता तथा शुभता का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश को बताशे का भोग लगाने से जीवन में मिठास और खुशहाली बनी रहती है। कई स्थानों पर दिवाली के दिन बताशे, खील और खिलौने भी पूजा में शामिल किए जाते हैं। इन्हें नए अनाज और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है। पूजा के बाद प्रसाद के रूप में बताशे परिवार के सदस्यों और अन्य लोगों में बांटे जाते हैं।

इन चीजों को शामिल करने का महत्व

दिवाली की पूजा में कौड़ी, कमल और बताशे शामिल करना केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि इनके पीछे गहरी धार्मिक मान्यताएं भी जुड़ी हुई हैं। कौड़ी धन-समृद्धि, कमल पवित्रता और बताशे जीवन में मिठास का प्रतीक माने जाते हैं। इसलिए दिवाली पर मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते समय इन चीजों को श्रद्धापूर्वक शामिल किया जाता है। सबसे जरूरी बात यह है कि पूजा में दिखावे से ज्यादा मन की श्रद्धा, स्वच्छता और सच्ची भक्ति का महत्व होता है।

ये भी पढ़ें -  नरक चतुर्दशी क्यों मनाई जाती है? जानें भगवान श्रीकृष्ण और नरकासुर से जुड़ी पौराणिक कथा

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।

धार्मिक कहानियां सुनने और पढ़ने के लिए हमारे WhatsApp चैनल से जुड़ें।

WhatsApp Channel