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Danteras 2026: धनतेरस की शाम यम दीपक क्यों जलाया जाता है? जानें सही विधि और महत्व

jeevanjaliPublished by:
कोमल शर्मा
सार

Danteras 2026:  धनतेरस का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है. लोग सोना-चांदी, बर्तन और अन्य सामान खरीदकर घर में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.

Danteras 2026:
Danteras 2026:  धनतेरस का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है. लोग सोना-चांदी, बर्तन और अन्य सामान खरीदकर घर में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि धनतेरस पर खरीदारी और भगवान धन्वंतरि की पूजा के साथ यम दीपदान का भी विशेष महत्व माना जाता है? धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन भगवान यमराज के निमित्त दीपक जलाने से परिवार को अकाल मृत्यु और अनहोनी से बचाने की प्रार्थना की जाती है. हालांकि इस पूजा को लेकर लोगों के मन में कई सवाल रहते हैं कि दीपक किस दिशा में जलाना चाहिए और उसमें कौन-कौन सी चीजें डालनी चाहिए.

धनतेरस पर क्यों किया जाता है यम दीपदान

 यम पूजा की परंपरा सदियों पुरानी है और धनतेरस के दिन इसका विशेष महत्व माना जाता है. उन्होंने बताया कि भगवान यमराज की पूजा मुख्य रूप से परिवार के सदस्यों की लंबी आयु, सुरक्षा और अकाल मृत्यु से बचाव की कामना के लिए की जाती है.यम दीपदान के लिए घर के मुख्य द्वार के पास दक्षिण दिशा की ओर आटे का पंचमुखी दीपक बनाना चाहिए. इस दीपक में लौंग, पीली सरसों और एक रुपये का सिक्का डालना चाहिए. इसके बाद शाम के समय मुख्य द्वार के दक्षिण दिशा वाले हिस्से में सरसों के तेल से दीपक जलाना चाहिए.

सरसों के तेल से शाम के समय जलाएं दीपक, परिवार की लंबी आयु की करें कामना

 धार्मिक मान्यताओं के अनुसार धनतेरस पर दक्षिण दिशा में यमराज के नाम से दीपक जलाने की परंपरा है. सरसों के तेल का दीपक जलाकर भगवान यमराज से परिवार की सुख-शांति और सुरक्षा की प्रार्थना की जाती है. मान्यता है कि इससे घर में होने वाली अनहोनी और अकाल मृत्यु का भय दूर होता है. उन्होंने बताया कि दीपक जलाते समय श्रद्धा और नियमों का ध्यान रखना चाहिए. पूजा के दौरान मन में परिवार की खुशहाली और सभी सदस्यों की लंबी आयु की कामना करनी चाहिए.

धनतेरस पर यम दीपदान के साथ करें भगवान कुबेर की पूजा

 धनतेरस पर यम दीपदान के साथ भगवान कुबेर की पूजा भी की जाती है. भगवान कुबेर को धन और संपत्ति का देवता माना जाता है. उनकी पूजा घर में सुख-समृद्धि और धन-धान्य की बरकत के लिए की जाती है. कुबेर पूजा के दौरान पांच विशेष चीजें शामिल करने की परंपरा बताई गई है.

कुबेर पूजा में शामिल करें पीली सरसों, गोमती चक्र और चांदी का सिक्का

इनमें पीली सरसों, गोमती चक्र, धनिया, कौड़ी और चांदी का सिक्का शामिल हैं. इसके साथ जनेऊ और पीली हल्दी की गांठ रखकर भी पूजा करनी चाहिए. मान्यता है कि इन वस्तुओं को पूजा में शामिल करने से घर में धन-धान्य और समृद्धि बनी रहती है.

धनतेरस पर गरीब बच्चों को दान करें जूते-चप्पल, मिठाई खिलाने का भी है महत्व

धनतेरस पर पूजा-पाठ के साथ जरूरतमंदों की मदद करना भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. भगवान यमराज को प्रसन्न करने के लिए ऐसी जगह पर दीपक जलाने की परंपरा है, जहां लोगों की आवाजाही कम हो. इसके अलावा गरीब और जरूरतमंद बच्चों को जूते-चप्पल दान करने चाहिए. बच्चों को मिठाई खिलाकर भी पुण्य कमाया जा सकता है.

धनतेरस पर पूजा और दान करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

धनतेरस पर पूजा करते समय श्रद्धा और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना चाहिए. यम दीपदान के लिए दक्षिण दिशा का ध्यान रखें और शाम के समय दीपक जलाएं. वहीं कुबेर पूजा में बताई गई पूजा सामग्री शामिल करें. दान करते समय भी दिखावे के बजाय सेवा और सहायता की भावना रखनी चाहिए.

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(Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)

 

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