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Ambikapur Historical Places: इस मंदिर में है अष्टधातु से बनी गणेश भगवान की मूर्ति, जानें इसका इतिहास

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Ambikapur Historical Places: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर की महामाया पहाड़ी पर एक अनोखा चमत्कार देखने को मिल रहा है। यहां पहाड़ी के एक हिस्से में गणपति जी की आकृति अपने आप उभर आई।

Ambikapur Historical Places
Ambikapur Historical Places: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के अंबिकापुर की महामाया पहाड़ी पर एक अनोखा चमत्कार देखने को मिल रहा है। यहां पहाड़ी के एक हिस्से में गणपति जी की आकृति अपने आप उभर आई। लेकिन जब लोगों ने गणपति धाम का इतिहास खंगाला तो उन लोगों को बिल्कुल यकीन हो गया कि आखिर गणपति पहाड़ पर ही क्यों प्रकट हुए थे।

दरअसल, बात यह है कि अंबिकापुर शहर के पास स्थित महामाया पर्वत अपने भीतर कई तरह के रहस्य छिपाए हुए है। यही वजह है कि इस पर्वत के प्रति लोगों की आस्था धीरे-धीरे बढ़ने लगी। यही वजह है कि इस पर्वत में ऐसा चमत्कार हुआ, जिसे देखने के लिए अब लोग यहां उमड़ पड़ते हैं। शुरुआत में जब लोगों ने गणेश स्थापना शुरू की तो इस स्थान की दिव्यता सामने आने लगी।

सरगुजा की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरें

स्थानीय लोगों के अनुसार सरगुजा जिले की पर्वत श्रृंखला पर स्थापित गणपति धाम बहुत ही पवित्र स्थान है। छत्तीसगढ़ के सरगुजा के लोग अपने आराध्य की पूजा करते आ रहे हैं। यह गणपति धाम का इलाका है। यहां पुराने शिलालेख हैं और माना जाता है कि प्राचीन काल में भगवान गणेश यहीं रहते थे। आसपास का क्षेत्र गजानंद हाथियों के विचरण का क्षेत्र रहा है और प्राचीन काल से ही लोग वहां पूजा-अर्चना करने जाते रहे हैं।

कैसे पड़ा गणपति धाम का नाम

कुछ वर्ष पहले छत्तीसगढ़ सरकार इसका नाम ऑक्सीजन पार्क रखती थी, फिर छत्तीसगढ़ सरकार ने सामान्य प्रशासन के माध्यम से इसका नाम गणपति धाम रख दिया। सरगुजा वासियों के लिए यह आस्था का केंद्र है और बहुत ही पवित्र स्थान माना जाता है। पहाड़ियों पर बसा होने के कारण इस क्षेत्र में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। 

सरकार भी गणपति धाम पर दे रही है ध्यान

गणपति धाम के प्राकृतिक सौंदर्य की बात करें तो यह धाम बिल्कुल प्राकृतिक रूप से पूरी तरह समृद्ध क्षेत्र का विस्तार है। इस स्थान पर ग्रामीण पर्यटकों का आना-जाना लगा रहता है। सरकार इस ओर ध्यान दे रही है, छत्तीसगढ़ सरकार ने इसको लेकर कई प्रयास किए हैं, काम आगे बढ़ रहा है। यहां मां महामाया आदि शक्ति देवी विराजमान हैं और मां महामाया पहाड़ के ठीक ऊपर एक सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

हजार साल पुराना है गणपति धाम का इतिहास

इतिहासकारों के अनुसार गणपति धाम का इतिहास हजार साल पुराना है। पुराने समय के लोग कहते थे कि, सरगुजा में इस स्थान पर गजराज आते थे और यहीं स्थाई निवास करते थे। और यहाँ अष्टधातु से बनी भगवान गणपति की मूर्ति भी है। यहाँ पत्थर से बनी कलाकृतियां और पुराने शिलालेख भी हैं। कुल मिलाकर यह सांस्कृतिक और ऐतिहासिक रूप से समृद्ध प्राकृतिक क्षेत्र है।

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