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10 Mahadan: मृत्यु के समय व्यक्ति को जरूर करने चाहिए ये महादान, अश्वमेध यज्ञ का मिलता है फल

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

10 Mahadan: सनातन धर्म ग्रंथों के अनुसार, हिंदू धर्म में दान का बहुत महत्व गया है। मान्यता है कि दान करन से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जो सुपात्र व्यक्ति उस दान को प्राप्त करता है

10 Mahadan
10 Mahadan: सनातन धर्म ग्रंथों के अनुसार, हिंदू धर्म में दान का बहुत महत्व गया है। मान्यता है कि दान करन से पुण्य फल की प्राप्ति होती है और जो सुपात्र व्यक्ति उस दान को प्राप्त करता है, उसका कल्याण होता है। व्रत, त्योहार और उत्सवों पर दान का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा मृत्यु के समय यानी जब व्यक्ति प्राण त्याग रहा हो या प्राण त्यागने वाला हो, तब किया गया दान बहुत फलदायी माना जाता है। उस समय के 10 महान दान बताए गए हैं।

गया में किए जाने वाले श्राद्ध से भी अधिक फलदायी है यह दान

मृत्यु के समय किया गया दान गया में किए जाने वाले श्राद्ध कर्म से भी अधिक फलदायी होता है। यह दान अश्वमेध यज्ञ करने के समान पुण्य फल देता है। जो व्यक्ति यह दान नहीं करता, उसकी आत्मा को मृत्यु के बाद रास्ते में अनेक कष्टों का सामना करना पड़ता है। शास्त्रों में मृत्यु के समय 10 महान दान बताए गए हैं। यदि मरने वाला व्यक्ति यह दान नहीं कर सकता है, तो उसके पुत्र या उत्तराधिकारी को यह दान करना चाहिए।

मृत्यु के समय 10 महादान

1. गाय: ऐसी गाय का दान करें जिसका बछड़ा आपके साथ हो। इसके देवता रुद्र हैं।

2. सोना: आप सोने के आभूषण, सिक्के आदि दान कर सकते हैं। इसके देवता अग्नि हैं।

3. चांदी: महादान में आप चांदी के सिक्के, आभूषण, थाली, कटोरी, गिलास आदि दान कर सकते हैं। चांदी के देवता चंद्रमा माने जाते हैं।

4. भूमि: अगर आप सक्षम हैं तो भूमि दान कर सकते हैं। भूमि के देवता भगवान विष्णु हैं।

5. तिल: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, तिल की उत्पत्ति जगत के पालनहार भगवान विष्णु से हुई है। मान्यता है कि तिल का दान करने से पुण्य फल की प्राप्ति होती है। साथ ही साथ यह भी माना गया है कि तिल के देवता प्रजापति हैं।

6. घी: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, गाय के घी का दान भी करना चाहिए। यह 10 महादान में भी शामिल है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, घी का देवता मृत्युंजय को माना गया हैं।

7. वस्त्र: मृत्यु के अंतिम समय में वस्त्र दान करने से पुण्य मिलता है। वस्त्र के देवता देव गुरु बृहस्पति हैं।

8. नमक: नमक का मतलब नमक होता है। इसके देवता सोम हैं।

9. अनाज: अनाज में आप चावल, जौ, गेहूं आदि दान कर सकते हैं। अनाज के देवता प्रजापति हैं।

10. गुड़: गुड़ के देवता भी सोम हैं।

10 के अलावा 8 महादानों का भी उल्लेख किया गया है

शास्त्रों में 8 महादानों का भी उल्लेख किया गया है। 8 महादानों में तिल, लोहा, सोना, कपास, नमक, सप्तधान्य, भूमि और गाय शामिल हैं। लोहे के देवता महाभैरव हैं और कपास के देवता वनस्पति हैं। बाकी देवताओं का उल्लेख ऊपर किया गया है।

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