हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया तिथि का बहुत महत्व है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन से प्रारम्भ किए गए कार्य अथवा इस दिन को किए गए दान का कभी भी क्षय नहीं होता। इसलिए इसे अक्षया कहते हैं। इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने युधिष्ठिर के पूछने पर यह बताया था कि आज के दिन जो भी रचनात्मक या सांसारिक कार्य करोगे, उसका पुण्य मिलेगा। आज का दिन बेहद खास माना जाता है। इसी कड़ी में प्रयागराज में अक्षय तृतीया के अवसर पर श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई और पूजा-अर्चना की। अक्षय तृतीया के दिन ही वृंदावन के बांके बिहारी जी के मंदिर में श्री विग्रह के चरणों के दर्शन होते हैं। इसी दिन यमुनोत्री के कपाट खुलते हैं। इस तिथि के बारे में जानते हैं विस्तार से।
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