उदयातिथि के अनुसार, गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025, बुधवार को पूरे देश में श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी दिन से गणेश महोत्सव की शुरुआत होगी और यह अनंत चतुर्दशी यानि(10 सितंबर 2025) तक चलेगा।
भारत त्योहारों की धरती है और इन्हीं में से एक प्रमुख पर्व है गणेश चतुर्थी, जिसे विघ्नहर्ता और बुद्धि-विवेक के देवता भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाता है। भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाया जाने वाला यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक समरसता का भी सूचक है।
गणेश चतुर्थी 2025 की तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल गणेश चतुर्थी की तिथि 26 अगस्त 2025, दोपहर 01:54 मिनट से प्रारंभ होगी और इसका समापन 27 अगस्त 2025, दोपहर 03:44 मिनट पर होगा।
उदयातिथि के अनुसार, गणेश चतुर्थी का पर्व 27 अगस्त 2025, बुधवार को पूरे देश में श्रद्धा और धूमधाम से मनाया जाएगा। इसी दिन से गणेश महोत्सव की शुरुआत होगी और यह अनंत चतुर्दशी यानि(10 सितंबर 2025) तक चलेगा।
गणेश चतुर्थी का इतिहास और महत्व
गणेश चतुर्थी का इतिहास बेहद प्राचीन और रोचक है। पुराणों के अनुसार, माता पार्वती ने भगवान शिव की अनुपस्थिति में अपने शरीर की मिट्टी से एक बालक का निर्माण किया और उसे द्वारपाल बनाकर स्नान करने चली गईं। जब भगवान शिव लौटे और अंदर जाने लगे, तो उस बालक ने उन्हें रोक दिया। क्रोधित होकर शिवजी ने उसका सिर काट दिया। जब पार्वती माता को यह ज्ञात हुआ, तो उन्होंने क्रोध और दुख में संपूर्ण सृष्टि को संकट में डाल दिया। तब देवताओं के अनुरोध पर भगवान शिव ने उस बालक के धड़ पर गजमुख (हाथी का सिर) स्थापित कर उसे पुनर्जीवित किया और आशीर्वाद दिया कि वह प्रथम पूज्य देवता कहलाएगा। यही बालक आज हम सबके प्रिय गणपति बप्पा हैं।