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Roopkund Lake Mystery : हिमालय की पहाड़ियों में स्थित है नर कंकालों से भरी झील, जानिए क्या है इसका रहस्य

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Roopkund Lake Mystery : जरा एक बार सोच कर देखिए कि आप पहाड़ों में किसी खूबसूरत झील में घूमने गए हैं और अचानक आपको वहां ढेरों मानव कंकाल दिख जाएं, तो आप क्या करेंगे? हिमालय में स्थित रूपकुंड झील की कहानी कुछ ऐसी ही है।

Roopkund Lake Mystery
Roopkund Lake Mystery : जरा एक बार सोच कर देखिए कि आप पहाड़ों में किसी खूबसूरत झील में घूमने गए हैं और अचानक आपको वहां ढेरों मानव कंकाल दिख जाएं, तो आप क्या करेंगे? हिमालय में स्थित रूपकुंड झील की कहानी कुछ ऐसी ही है। हिमालय की पहाड़ियों में ऐसी कई झीलें हैं जो रहस्यों से भरी हुई हैं। इसी तरह हिमालय की पहाड़ियों में रूपकुंड झील भी है। जो कंकालों से भरी हुई है। सुनने में थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है। तो आइए इस खबर में विस्तार से जानते हैं रूपकुंड झील के बारे में।

मानव कंकालों से भरी है ये झील


 
Roopkund Lake Mystery
साल 1942 में ब्रिटिश फॉरेस्ट गार्ड को यहां सैकड़ों मानव कंकाल मिले थे। इस दौरान झील पूरी तरह से मानव कंकालों और हड्डियों से भरी हुई थी। इतने सारे कंकाल और हड्डियां देखकर ऐसा लग रहा था कि शायद यहां पहले कुछ बहुत बुरा हुआ था। शुरुआत में इसे देखकर कई लोगों ने अनुमान लगाया कि ये सभी मानव कंकाल जापानी सैनिकों के हो सकते हैं, जो दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन पर हमला करने के लिए हिमालय के रास्ते भारत में घुसते समय मारे गए होंगे।

वैज्ञानिक भी है हैरान

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उस समय जापानी आक्रमण के डर से ब्रिटिश सरकार ने तुरंत इन कंकालों की जांच के लिए वैज्ञानिकों की एक टीम बुलाई थी। जांच के बाद पता चला कि ये कंकाल जापानी सैनिकों के नहीं थे, बल्कि ये कंकाल और भी पुराने थे। इसके बाद समय-समय पर इन कंकालों की जांच की गई। इन जांचों के आधार पर वैज्ञानिकों की राय अलग-अलग निकली। कई वैज्ञानिकों का कहना है कि सालों पहले हिमस्खलन की वजह से यहां कई लोगों की मौत हुई थी, जबकि दूसरे वैज्ञानिकों का कहना है कि ये लोग किसी महामारी की वजह से मरे थे। रूपकुंड झील में मानव कंकाल क्यों हैं? और ये वहां कैसे हैं? इस पर वैज्ञानिकों की एकमत राय नहीं है।

काफी पुरानी है ये कंकाल

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हालांकि, 2004 में किए गए एक अध्ययन ने रूपकुंड झील से जुड़े कई चौंकाने वाले खुलासे किए। इस अध्ययन के जरिए पता चला कि ये कंकाल 12वीं से 15वीं सदी के बीच के हैं। डीएनए जांच के बाद कई नई बातें सामने आईं। यह भी पता चला कि ये कंकाल अलग-अलग भौगोलिक जगहों से जुड़े थे। आखिर में वैज्ञानिकों ने बताया कि काफी समय पहले इन लोगों की मौत सिर पर भारी गेंद जैसी चीज गिरने की वजह से हुई थी।

पहाड़ की खूबसूरती बिगाड़ने वालों पर क्रोधित हो जाती हैं देवी

आपको जानकर हैरानी होगी कि हिमालय पर रहने वाली महिलाओं के एक मशहूर लोकगीत में एक देवी का जिक्र है। लोकगीत के अनुसार यह देवी बाहर से आने वाले और पहाड़ की खूबसूरती को बिगाड़ने वाले लोगों पर क्रोधित हो जाती थी। इसी क्रोध में उसने भारी ओलावृष्टि की, जिसके कारण कई लोगों की जान चली गई। आपको बता दें कि साल 2004 में एक शोध में यह बात सामने आई थी कि यहां पर अचानक भारी ओलावृष्टि हुई थी जिसके कारण ही इन लोगों की जान गई होगी। लेकिन आज भी इस रूपकुंड झील के कई रहस्य झील के भीतर दफन हैं। झील में प्रवेश करने पर सख्त पाबंदी है। लोगों का कहना है कि यहां अक्सर कई रहस्यमयी घटनाएं होती रहती हैं।

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