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Mahakumbh 2025: महाकुंभ में वापसी करते समय लाएं ये चीजें, घर में बढ़ जाएगी धन-दौलत

जीवांजलिPublished by:
राघवेंद्र तिवारी
सार

Mahakumbh 2025: यूपी के प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम यानी महाकुंभ चल रहा है। 45 दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु हर रोज पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं।

Mahakumbh 2025
Mahakumbh 2025: यूपी के प्रयागराज में दुनिया का सबसे बड़ा आध्यात्मिक समागम यानी महाकुंभ चल रहा है। 45 दिनों तक चलने वाले इस महाकुंभ में देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु हर रोज पवित्र त्रिवेणी में डुबकी लगाने पहुंच रहे हैं। 144 साल बाद आयोजित हो रहे इस महाकुंभ में कोई भी अरबपति हो या फिर कोई साधारण व्यापारी, कोई भी पुण्य लाभ पाने से पीछे नहीं रहना चाहता। 

महाकुंभ का तीसरा और बड़ा अमृत स्नान बसंत पंचमी को होने जा रहा है। अगर आप भी महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे हैं तो वापसी में अपने साथ 4 चीजें ले जाना न भूलें। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में हमेशा सुख-समृद्धि बनी रहती है और मां लक्ष्मी का वास होता है। आइए जानते हैं वो 4 चीजें क्या हैं।

कुंभ से कौन सी चीजें साथ लानी चाहिए?

गंगाजल

अगर आप महाकुंभ स्नान के लिए प्रयागराज जा रहे हैं तो वापसी में गंगा-यमुना के संगम से गंगाजल ले जाना न भूलें। हो सके तो उस जल को प्लास्टिक की बोतल या कैन में लाने की बजाय तांबे या स्टील के बर्तन में लाएं। जल को घर लाने के बाद उसे घर की उत्तर-पूर्व दिशा में रखें। ऐसा करने से पूरे परिवार के सदस्यों पर मां गंगा का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

शिवलिंग

आप महाकुंभ से छोटे आकार का शिवलिंग भी खरीद सकते हैं। इसे खरीदने के बाद इसे गंगा जल से स्नान अवश्य कराएं। इसके बाद इसे साफ कपड़े में लपेटकर घर लाना चाहिए। फिर पूजा के बाद उस शिवलिंग को घर के मंदिर में स्थापित करना चाहिए। ऐसा करने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ता है और सभी परेशानियां दूर होने लगती हैं।

रुद्राक्ष

महाकुंभ में स्नान के बाद रुद्राक्ष खरीदना शुभ माना जाता है। इसे धारण करने से पहले इसे गंगा जल में डुबकी लगाकर शुद्ध करना चाहिए। इसके बाद इसे घर लाकर सबसे पहले भगवान शिव के चरणों में रखें। इसके बाद उस माला की पूजा और शुद्धिकरण करने के बाद इसे धारण करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जो जातक रुद्राक्ष धारण करता है उसे आकाल मृत्यु नहीं होती है।

मिट्टी

महाकुंभ की मिट्टी को बहुत ही शुभ माना जाता है। कहा जाता है कि महाकुंभ के दौरान स्वर्ग से देवी-देवता अपना रूप बदलकर साधु-महात्माओं के रूप में धरती पर स्नान करने आते हैं। ऐसे में साधु-महात्माओं के रूप में देवताओं की धूल मिलना सौभाग्य की बात मानी जाती है। धार्मिक विद्वानों के अनुसार उस मिट्टी को किसी चीज में भरकर घर लाना चाहिए और मंदिर के सामने रखना चाहिए। ऐसा करने से घर पर सभी देवी-देवताओं की कृपा बरसती है।

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