MahaKumbh Mela 2025 Amrit Snan: हर 12 साल में आयोजित होने वाला महाकुंभ न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह मानवता के प्रति एकता, शांति और समर्पण का संदेश भी देता है। आज इस खबर में महाकुंभ के आखिर शाही स्नान के बारे में बताने वाले हैं। आइए विस्तार से जानते हैं।
MahaKumbh Mela 2025 Amrit Snan: हर 12 साल में आयोजित होने वाला महाकुंभ न सिर्फ धार्मिक आस्था का प्रतीक है बल्कि यह मानवता के प्रति एकता, शांति और समर्पण का संदेश भी देता है। महाकुंभ का आयोजन गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम पर हो रहा है, जो आत्मशुद्धि और मोक्ष का द्वार है। महाकुंभ के दौरान हर दिन स्नान का विशेष महत्व है। लेकिन अमृत स्नान (शाही स्नान) कुंभ मेले का मुख्य आकर्षण है, जिसके लिए विशेष व्यवस्था की जाती है। अमृत स्नान के दिन नागा बाबा और संत अपने शिष्यों के साथ भव्य जुलूस निकालकर संगम में गंगा स्नान करते हैं। आपको बता दें कि 13 जनवरी से शुरू हुए महाकुंभ मेले का पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को मकर संक्रांति के दिन पूरा हो चुका है। तो अब हम आपको बताएंगे कि महाकुंभ 2025 का आखिरी अमृत स्नान कब होगा।
अमृत स्नान का महत्व
अमृत स्नान किसी विशेष दिन, शुभ मुहूर्त और ग्रह-नक्षत्रों की युति पर किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अमृत स्नान करने से एक हजार अश्वमेध यज्ञ करने के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। इसके साथ ही अमृत स्नान करने से मन की अशुद्धियां दूर होती हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है। आपको बता दें कि कुंभ में अमृत स्नान के दिन सबसे पहले स्नान करने का अधिकार नागा साधुओं को है। दरअसल, नागा साधुओं को 'महायोद्धा साधु' भी कहा जाता है, क्योंकि नागा साधु पुराने समय में ये धर्म और समाज की रक्षा के लिए सेना के रूप में कार्य करते थे।
महाकुंभ 2025 अंतिम अमृत स्नान
महाकुंभ का अंतिम अमृत स्नान बसंत पंचमी के दिन किया जाएगा। बसंत पंचमी का पर्व मां सरस्वती को समर्पित है। इस दिन स्नान और दान के साथ मां शारदा की पूजा करना बहुत फलदायी माना जाता है। मां सरस्वती को विद्या और ज्ञान की देवी कहा जाता है। ऐसे में बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से अज्ञानता दूर होती है और हर काम में सफलता मिलती है. इस साल बसंत पंचमी 3 फरवरी को मनाई जाएगी, इस दिन महाकुंभ का आखिरी अमृत स्नान किया जाएगा. आपको बता दें कि पहला अमृत स्नान 14 जनवरी को हुआ था और दूसरा अमृत स्नान मौनी अमावस्या के दिन यानी 29 जनवरी 2025 को किया जाएगा.