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Vinayak Chaturthi 2025: वैशाख मास की विनायक चतुर्थी है विशेष, जरूर करें इस स्तोत्र का पाठ

जीवांजलि धर्म डेस्कPublished by:
निधि
सार

Vinayak Chaturthi 2025: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है और उनकी पूजा करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं

Vinayak Chaturthi 2025
Vinayak Chaturthi 2025: भगवान गणेश को विघ्नहर्ता माना जाता है और उनकी पूजा करने से भक्तों के सभी संकट दूर हो जाते हैं. वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी कहा जाता है. इस दिन विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी संकटों से मुक्ति मिलती है. इस दिन गणेश स्त्रोत का पाठ करने से भगवान गणेश भक्तों के सभी संकटों का नाश करते हैं. आइए जानते हैं विनायक चतुर्थी की तिथि और गणेश स्त्रोत के बारे में.

विनायक चतुर्थी के दिन सूर्योदय से पहले उठकर स्नान करें और फिर व्रत का संकल्प लें। घर के मंदिर में चौकी रखें और उस पर हरा कपड़ा बिछाकर भगवान गणेश की मूर्ति या तस्वीर स्थापित करें। मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाएं और भगवान का गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद फूल, घास, सिंदूर चढ़ाएं और मोदक या लड्डू का भोग लगाएं। अंत में गणेश आरती करें। इस दिन विशेष कृपा पाने के लिए गणेश जी के मंत्र और गणेश स्तोत्र का पाठ भी करें।

गणेश स्तोत्र

प्रणम्य शिरसा देवं गौरी विनायकम् ।
भक्तावासं स्मेर नित्यमाय्ः कामार्थसिद्धये ॥॥
प्रथमं वक्रतुडं च एकदंत द्वितीयकम् ।
तृतियं कृष्णपिंगात्क्षं गजववत्रं चतुर्थकम् ॥॥

लंबोदरं पंचम च पष्ठं विकटमेव च ।
सप्तमं विघ्नराजेंद्रं धूम्रवर्ण तथाष्टमम् ॥॥
नवमं भाल चंद्रं च दशमं तु विनायकम् ।
एकादशं गणपतिं द्वादशं तु गजानन् ॥॥

द्वादशैतानि नामानि त्रिसंघ्यंयः पठेन्नरः ।
न च विघ्नभयं तस्य सर्वसिद्धिकरं प्रभो ॥॥
विद्यार्थी लभते विद्यां धनार्थी लभते धनम् ।
पुत्रार्थी लभते पुत्रान्मो क्षार्थी लभते गतिम् ॥॥

जपेद्णपतिस्तोत्रं षडिभर्मासैः फलं लभते ।
संवत्सरेण सिद्धिंच लभते नात्र संशयः ॥॥
अष्टभ्यो ब्राह्मणे भ्यश्र्च लिखित्वा फलं लभते ।
तस्य विद्या भवेत्सर्वा गणेशस्य प्रसादतः ॥॥

॥ इति श्री नारद पुराणे संकष्टनाशनं नाम श्री गणपति स्तोत्रं

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