Shardiya Navratri: शारदीय नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के लिए घर में कलश स्थापना और माता की मूर्ति या तस्वीर स्थापित की जाती है। नवरात्रि के दौरान भक्त विधि-विधान से मां दुर्गा की पूजा करते हैं और अखंड ज्योत भी जलाते हैं। मान्यता है कि पूजा के दौरान देवी की मूर्ति की दिशा का भी विशेष महत्व होता है। ऐसे में क्या आपको पता है कि नवरात्रि में मां दुर्गा की मूर्ति किस दिशा में रखना शुभ माना जाता है और इसे स्थापित करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? आइए जानते हैं।
मां दुर्गा की मूर्ति किस दिशा में रखें
वास्तु और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि में मां दुर्गा की मूर्ति को घर की उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण में रखना शुभ माना जाता है। यह दिशा पूजा-पाठ के लिए विशेष मानी जाती है। अगर घर में ईशान कोण में पूजा की जगह बनाना संभव न हो तो पूर्व दिशा में भी माता की मूर्ति स्थापित की जा सकती है।
मूर्ति का मुख किस ओर होनी चाहिए
मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करते समय इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि माता का मुख पूर्व या पश्चिम दिशा की ओर हो। पूजा करने वाले व्यक्ति के लिए पूर्व दिशा की ओर मुख करके पूजा करना शुभ माना जाता है। इसलिए माता की मूर्ति को इस तरह स्थापित किया जा सकता है कि भक्त पूजा करते समय पूर्व दिशा की ओर मुख करके बैठ सके।
मूर्ति रखने की जगह कैसी होनी चाहिए
नवरात्रि में मां दुर्गा की मूर्ति को साफ और पवित्र स्थान पर स्थापित करना चाहिए। पूजा स्थल के आसपास गंदगी या अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। माता की मूर्ति को सीधे जमीन पर रखने के बजाय किसी साफ चौकी या पूजा की वेदी पर स्थापित करना शुभ माना जाता है।
मूर्ति के साथ कलश स्थापना
नवरात्रि की पूजा में मां दुर्गा की मूर्ति के साथ कलश स्थापना का भी विशेष महत्व होता है। कलश को पूजा स्थल पर विधि के अनुसार स्थापित किया जाता है। माता की मूर्ति और कलश के बीच पर्याप्त जगह रखनी चाहिए, ताकि पूजा करते समय किसी तरह की परेशानी न हो।
मूर्ति के पास क्या रखें
माता की मूर्ति स्थापित करने के बाद उनके सामने दीपक, धूप, फूल और पूजा सामग्री रखी जाती है। नवरात्रि में माता को लाल चुनरी, लाल फूल और श्रृंगार की सामग्री अर्पित करने की परंपरा भी है। पूजा स्थल को साफ रखने के साथ ही वहां केवल जरूरी पूजा सामग्री ही रखनी चाहिए।
मूर्ति स्थापित करते समय ध्यान रखें ये बातें
नवरात्रि में मां दुर्गा की मूर्ति स्थापित करते समय दिशा के साथ कुछ सामान्य बातों का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है। माता की मूर्ति को ऐसी जगह नहीं रखना चाहिए जहां बार-बार लोगों का आना-जाना हो। पूजा स्थल शांत और स्वच्छ स्थान पर होना चाहिए। मूर्ति के सामने जूते-चप्पल या रोजमर्रा का अनावश्यक सामान नहीं रखना चाहिए। नवरात्रि के दौरान रोजाना पूजा करते समय माता की मूर्ति के सामने दीपक जलाकर विधि-विधान से आरती और पूजा करनी चाहिए। मान्यता है कि श्रद्धा और स्वच्छता के साथ की गई पूजा से मां दुर्गा की कृपा प्राप्त होती है।
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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी ज्योतिषीय, पौराणिक और धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से प्रस्तुत की गई है। अधिक जानकारी के लिए कृपया संबंधित विषय के विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य करें।)