Karwa Chauth: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। सुबह सरगी खाने से लेकर शाम को पूजा करने और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने तक, हर रस्म का अपना धार्मिक महत्व है। इस दिन माता पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा की जाती है। मान्यता है कि करवा चौथ पर श्रद्धापूर्वक मंत्रों का जाप करने से मन को शांति मिलती है और वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा जाता है। क्या आप जानते हैं कि करवा चौथ की पूजा में किन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है? आइए जानते हैं पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के लिए कुछ प्रमुख मंत्र।
कब है करवा चौथ 2026?
द्रिक पंचांग के अनुसार, साल 2026 में करवा चौथ का व्रत 29 अक्टूबर, गुरुवार को रखा जाएगा। इस दिन शाम को पूजा के दौरान माता पार्वती और भगवान शिव की आराधना की जाती है। इसके बाद चंद्रमा के दर्शन कर उन्हें अर्घ्य दिया जाता है और व्रत का पारण किया जाता है। करवा चौथ पर मंत्रों का जाप पूजा के समय या अपनी श्रद्धा के अनुसार शांत मन से किया जा सकता है।
माता पार्वती का मंत्र
करवा चौथ पर माता पार्वती की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता पार्वती अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की प्रतीक हैं। इस दिन महिलाएं उनसे अपने पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में प्रेम बनाए रखने की प्रार्थना करती हैं। माता पार्वती की आराधना करते समय इस मंत्र का जाप कर सकती हैं।
मंत्र: ॐ उमायै नमः।
इस मंत्र का जाप करते समय माता पार्वती का ध्यान करें और अपने परिवार की सुख-शांति की कामना करें।
भगवान शिव का मंत्र
करवा चौथ पर माता पार्वती के साथ भगवान शिव की पूजा भी की जाती है। धार्मिक मान्यताओं में शिव और पार्वती का संबंध आदर्श दांपत्य जीवन का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस दिन भगवान शिव का मंत्र जपकर पति की लंबी उम्र, अच्छे स्वास्थ्य और वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की प्रार्थना की जाती है।
मंत्र: ॐ नमः शिवाय।
पूजा के दौरान इस मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करें। यदि संभव हो, तो भगवान शिव को जल और पुष्प अर्पित करके उनका ध्यान भी कर सकती हैं।
भगवान गणेश का मंत्र
किसी भी शुभ कार्य से पहले भगवान गणेश की पूजा करने की परंपरा है। करवा चौथ की पूजा में भी गणेश जी का स्मरण किया जाता है। उन्हें विघ्नहर्ता कहा जाता है और भक्त जीवन की बाधाओं को दूर करने तथा परिवार में मंगल की कामना के लिए उनकी आराधना करते हैं।
मंत्र: ॐ गं गणपतये नमः।
करवा चौथ की पूजा शुरू करने से पहले इस मंत्र का जाप किया जा सकता है। मान्यता है कि भगवान गणेश की कृपा से शुभ कार्य निर्विघ्न संपन्न होते हैं।
चंद्रदेव का मंत्र
करवा चौथ पर चंद्रमा के दर्शन और उन्हें अर्घ्य देने की विशेष परंपरा है। महिलाएं चंद्रोदय के बाद चंद्रदेव की पूजा करती हैं और अपने पति की लंबी उम्र तथा परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं। चंद्रमा को अर्घ्य देते समय इस मंत्र का जाप किया जा सकता है।
मंत्र: ॐ सोमाय नमः।
चंद्रमा को अर्घ्य अर्पित करते समय मन को शांत रखें और श्रद्धा के साथ प्रार्थना करें। इसके बाद अपने परिवार की खुशहाली की कामना करते हुए व्रत का पारण करें।
करवा चौथ पर कैसे करें मंत्रों का जाप?